लॉकडाउन में शादियां होंगी या नहीं? जानें सीएम योगी ने क्या कहा

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उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर रोजाना बढ़ता जा रहा है। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। दवा के साथ अस्पतालों में न्यूनतम 36 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप बनाए रखने को कहा है। उन्होंने रविवार को वीकेंड लॉकडाउन वाले दिन वैवाहिक आयोजनों को लेकर ऊहापोह की स्थिति भी साफ कर दी है। लॉकडाउन वाले दिन शादी-विवाह हो सकेंगे। समारोह के दौरान मास्क, सामाजिक दूरी और सेनेटाइजर के उपयोग के साथ ही अन्य सावधानियां बरतनी होंगी। वैवाहिक कार्यक्रम में बंद स्थान पर 50 और खुले स्थान पर अधिकतम 100 लोगों को एकत्रित होने की अनुमति होगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार रात से सोमवार सुबह तक 35 घंटे के कोरोना कर्फ्यू के दौरान दी जाने वाली छूट के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं। शनिवार को वर्चुअल माध्यम से कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि साप्ताहिक बंदी के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं और वस्तुओं की आपूर्ति यथावत जारी रहेगी। पंचायत निर्वाचन के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी का काम भी संचालित होता रहेगा।

रविवार को निर्धारित एनडीए व अन्य परीक्षाएं कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराते हुए कराने की अनुमति रहेगी। परीक्षार्थियों और उम्मीदवारों का परिचय पत्र पास के तौर पर मान्य होगा। रविवार को कंटीन्यूस प्रोसेस इंडस्ट्री को चलाने की अनुमति के साथ ही साप्ताहिक बंदी वाले उद्योगों को छोड़कर फार्मास्यूटिकल, दवा, सेनेटाइजर बनाने वाले उद्योगों को चलाने की अनुमति होगी। इन उद्योगों के कार्मिकों को आने-जाने की अनुमति दी जाएगी।

यूपी में 10 नए ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति को और बेहतर करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर 10 नए ऑसीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इस काम में डीआरडीओ का सहयोग मिल रहा है। इसलिए ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना के लिए शनिवार को ही स्थान चिह्नित करने काम शुरू किया जाए। चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री इस काम की लगातार समीक्षा करें। एचएएल ने सीएसआर फंड से लखनऊ में एक डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की स्थापना को कहा है। स्वास्थ्य विभाग एचएएल से समन्वय कर यह काम प्राथमिकता पर कराए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी जीवन रक्षक औषधि और होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के मेडिकल किट की दवाओं में कोई कमी न होने पाए।

समय से दवाएं मंगाई जाती रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति, रेमडेसिविर सहित विभिन्न औषधियों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाए। औषधियों की उपलब्धता के लिए उत्पादनकर्ताओं को समय से मांग भेजकर संपर्क में रहा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में सप्लाई चेन बाधित न होने पाए। कोरोना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए इसका विकेंद्रीकरण किया जाए। प्रदेश में आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या में वृद्धि की जाए। इसके लिए सरकारी व अधिकृत निजी प्रयोगशालाएं पूरी क्षमता से काम करें। जिला स्तर पर जिला प्रशासन द्वारा अधिकृत निजी प्रयोगशालाओं से भी आरटीपीसीआर टेस्ट कराए जाएं। इसके लिए डीएम व सीएमओ कारगर रणनीति बनाएं।

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