दिल्ली किसकी जीत ?

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आजकल दिल्ली चुनाव बहुत ही दिलचस्प और चर्चा में है, जबसे आप पार्टी ने दुबारा जीत दर्ज की है। अब लोग इस पर अलग अलग बाते कर रहे है कि जीत अरविन्द केजरीवाल के बेहतरीन कार्य पर हुई है या मुफ्त वाली लाली पाप पर या फिर शाहीन बाग बना है आप की जीत के कारण क्या है , और कौन जीता है क्या आप बता सकते है

राजनीतिक के उभरता चेहरा राघव चड्ढा, अतिशी जो स्वच्छ और नये तरीके की राजनीतिक के प्रतिक माने जाते है। अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जो मुख्यमंत्री और है मनीष सिसोदिया दिल्ली में शिक्षा और स्वस्थ्य के क्षेत्र में क्रान्ति लाने वाले चेहरे माने जाते है। क्या यह जीत गोपाल राय और रामनिवास गोयल की है ? जो वरिष्ठ राजनीतिज्ञ है । नही सबसे बड़ी जीत मिली है शाहीन बाग वाले भाई को 85 हजार वोंटों से।

किसी भी विधान सभा में इतनी बड़ी वोट और इतनी बड़ी जीत यानी की सामने वालों का सुपरा साफ। वही जिनके ऊपर दर्जनो केस दर्ज है। अलग अलग गंभीर धाराओं में वही जो ओखला से उम्मीदवार थे। जहाँ दो महीने से सड़क जाम है जिसके कारण न जाने कितने दुकाने बंद पड़ी है और कितने लोगों की नौकरी चली गई है।

अगर सरकारी स्कूल और शिक्षा के लिए वोट दिया गया होता तो सबसे ज्यादा वोट मनीष सिसोदिया को मिलता। क्योकि वे दिल्ली के शिक्षामंत्री थे और है भी लेकिन उन्हें सिर्फ 3000 हजार वोट से जीत मिली है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के लिए 3 हजार वोट कोई माने नहीं रखती है। ऐसे मे मानना कि शिक्षा व्यावस्था के कारण से जीत हुई है यह भूल होगा।

खुद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल 21 हजार वोट से जीते है जो कि पिछले चुनाव से 10 हजार कम है। जबकि सीमापुरी से 56 हजार वोट से आम आदमी पार्टी की जीत हुई है। सीलमपुर में 36 हजार मटियामहल से 50 हजार वोट से ये सभी वो क्षेत्र है जहाँ बंगलादेशी और रोहिग्यां सबसे ज्यादा रहते है। ये आकड़ा केन्द्र सरकार के द्वारा दी गई है। यह आकड़ा मोदी सरकार के नहीं मनमोहन सरकार के द्वारा किये गए सर्वे के अनूसार है।

इसके बावजूद अगर आप यह सोच रहे है कि मोहल्ला क्लीनिक की सिटराजैन टेबलेट और डीटीसी मे महिलाओं के फ्रि सफर के ऊपर केजरीवाल सरकार को वोट मिला तो आप गलत है आप भारत के चुनावी राजनीतिक को आपने समझा ही नहीं है। कोई बात नही है ये धरती बहुत बड़ी है आप दूसरी धरती ढुढ़ लेना। क्योकि जिसकी जनसंख्या उसकी भैस लेकिन आप लोग तो आपस मे ही भीड़ते रहते है। कुछ लोग महीनों से सड़क बन्द कर रखा है और अब जीत भी उसी की है।

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