कौन सच्चा कौन झुठा : मासूम रुद्राक्ष के इलाज पर आरोप प्रत्यारोप

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नोएडा के मासूम रुद्राक्ष के स्वजन व समाजसेविका के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी।

नोएडा सेक्टर 49 बरौला के रहने वाले कपिल बसौया ने अपने मासूम बेटे की ईलाज के लिए सोशल मिडिया पर गुहार लगाया की बच्चे का ईलाज काफी महंगा है और धीरे-धीरे उसका हालत बिगड़ता जा रहा है। अब लोगों ने आगे आकर बच्चे के नाम पर सहायता कर रहे है। समाज सेविका शिखा जैन के अनुसार अभी तक 1 करोड़ 40 लाख की फंडिंग हो चुके है। इसी बीच में अब आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है।

दिल्ली के समाजसेविका शिखा जैन नें युपी पुलिस और दिल्ली पुलिस को जल्द से जल्द जनता को जागरूक कर इस फंडिंग पर रोक लगाने की मांग की है वही बच्चे के स्वजनों नें नोएडा थाना सेक्टर 49 में महिला के खिलाफ शिकायत की है। स्वजनों का कहना है कि महिला उनसे पैसे की डिमांड कर रही है।

दिल्ली की चांदनी चौक निवासी एक महिला ने गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे रुद्राक्ष के स्वजन पर बच्चे को मोहरा बनाकर गांव-गांव अवैध उगाही करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि दिल्ली के एम्स अस्पताल में मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी बीमारी के निःशुल्क उपचार की सुविधा है। किसी भी डाँक्टर ने यह लिखकर नहीं दिया कि बच्चे को 18 करोड़ का इंजेक्शन लगना है। मामले में उन्होंने नोएडा पुलिस कमिश्नर व गृह मंत्रालय से शिकायत करने की भी बात कही है।

रुद्राक्ष के स्वजन मे महिला के खिलाफ थाना सेक्टर 49 में किया शिकायत

अब रुद्राक्ष के स्वजन ने अवैध उगााही का आरोप लगाने वाली दिल्ली के महिला के खिलाफ थाना सेक्टर 49 में शिकायत की है। बच्चे के पिता कपिल बसौया ने कहा है कि बच्चे को 18 करोड़ की इंजेक्शन की जरूरत है। महिला उन पर रुपये देने का दबाव बना रही है। मेरे बच्चे का ईलाज सेक्टर 49 में बैठने वाले डाॅ. विपिन जैन की देखरेख में चल रहा है। एम्स और दूसरे अस्पतालों में भी ईलाज करायी है। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण लोगों से चंदा मांग रहा हूँ। शिखा जैन नाम की एक महिला है जो दिल्ली स्थित एक निजी संस्था नेशनल एंटी करप्शन एंड आपरेशन कमेटी आफ इंडिया में नेशनल प्लानिंग एडवाइजर बताती है। महिला उनसे बच्चे को मिले रकम को उगाही बताकर पैसे ऐठने की कोशिश कर रही है और झुठे मुकदमें में फसाने की धमकी दे रही है।

आरोप लगाने वाली महिला कहती है कि हमने एम्स के डाक्टर से बात किया है जिनका कहना है कि इतना महंगा कोई भी इन्जेक्शन ही है। भारत में उसके सब्सीट्यूट भी मौजूद होते है। 1 करोड़ 40 लाख का फंड प्राप्त हो चुका है। उनको तुरंत ही इलाज शुरु कर देनी चाहिए। लेकिन कपिल बसौया कहते है कि हम तुम्हारे कहने से क्यों जाऊँ। मैने मानवता को सोचकर इस बच्चे की मदद की है और आगे भी करूंगा। लेकिन बच्चे की नाम पर हो रहे उगाही पर रोक लगनी चाहिए । जिसके लिए हमने स्वयं नोएडा पुलिस से बात की है। अगर इस तरह से बच्चे के नाम पर उगाही की जायेगी तो आगे से कौन किस पर विश्वास करेगा ?

अब कौन सच्चा है और कौन झुठा यह तो पुलिस की जांच में ही पता लगेंगा। लेकिन मासूम की जिंदगी बचनी चाहिए। इस प्रकार के मामले में सरकार को हस्तक्षेप करते हुए बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करन की आवश्यकता है। बजाय इसके को कोई उगाही करे और कोई पैसे लेने के लिए धमकी दे किसी को।

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