अफसर ही फेर रहे सीएम के सपने पर पानी

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मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले प्रॉजेक्ट में भरा पानी, नंदी गोशाला का जीर्णोद्धार रुका

एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे जीडीए, निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारी

गाजियाबाद : सीएम योगी आदित्यनाथ के प्राथमिकता वाले प्रॉजेक्ट में अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से पानी भर गया है। खास बात यह है कि कोई भी विभाग इसकी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है। सब एक-दूसरे पर थोपने में लगे हैं। फिलहाल, इस प्रॉजेक्ट का काम रुका हुआ है और अफसर पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें एक सप्ताह का समय लगने की संभावना जताई जा रही है। सीएम ने गोवंश के रहने और खाने के बेहतर इंतजाम के लिए गोशाला के निर्माण का आदेश दिया है। इस क्रम में करेहड़ा के पास पहले से बनी नंदी गोशाला के जीर्णोद्धार का जिम्मा जीडीए ने उठाया है। करीब नौ करोड़ रुपये का इस्टिमेट बनाकर काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन पानी भर जाने से गोवंशों के लिए दिक्कत खड़ी हो गई है। अब गोवंश चारा तो घूमकर खा ले रहे हैं, लेकिन गोशाला में पानी भरने की वजह से बैठ नहीं पा रहे हैं।

क्या है विभागों का दावा

जीडीए के अधिकारियों का दावा है कि हिंडन नदी का पानी ओवरफ्लो होकर यहां आ गया है, जबकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सेतु निगम पुराने हिंडन पुल को तोड़ रहा था। इस वजह से उसका मलबा नदी में गिर गया है जिससे इसकी धारा प्रभावित हुई। इससे पानी ओवरफ्लो होकर नंदी गोशाला में चला गया है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि जितना मलबा गिरता है उसे नियमित रूप से साफ करवाया जाता है। इससे नदी की धारा प्रभावित नहीं हुई है। किसी अन्य कारण से पानी नंदी गोशाला में पहुंचा है।

खुलवाया बैराज का गेट

नंदी गोशाला में पानी भरने के बाद निगम, जीडीए, सेतु निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने लगे हैं। नंदी पार्क से पानी निकलवाने के लिए तत्काल प्रभाव से सिंचाई विभाग ने बैराज के गेट को खुलवा दिया है। इससे पानी तेजी से निकलने लगा है।

समस्या एक, पर कारण तीन

पहला: गोशाला में पानी भरने के कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया है। पानी निकलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। पानी निकलवाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। -वीएन सिंह, चीफ इंजीनियर, जीडीए

दूसरा: बैराज में पानी भरने की वजह से हिंडन नदी का पानी ओवरफ्लो होकर नंदी गोशाला तक पहुंचा है। सिंचाई विभाग बैराज का पानी खोल देगा तो पानी का ओवरफ्लो बंद हो जाएगा। हिंडन पुल का मलबा हम डेली साफ कर देते हैं। -अजय कुमार सिंह, प्रॉजेक्ट इंजीनियर, सेतु निगम

तीसरा: पुराने जर्जर हिंडन पुल टूटने की वजह उसका मलबा नदी में गिरकर बैरियर बना दिया है जिसकी वजह से नदी की धारा प्रभावित हुई और पानी नंदी गोशाला में भर गया। मलबा हटवाने के लिए जीडीए को लिखा गया है। -नीरज कुमार, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग

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