वेद प्रताप वैदिक भारत के प्रसिद्ध राजनैतिक विश्लेषक, वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दी प्रेमी हैं।

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भारत के प्रसिद्ध राजनैतिक विश्लेषक, वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दी प्रेमी हैं।

वेद प्रताप वैदिक (अंग्रेज़ी: Ved Pratap Vaidik; जन्म- 30 दिसम्बर, 1944, इंदौर, मध्य प्रदेश) भारत के प्रसिद्ध राजनैतिक विश्लेषक, वरिष्ठ पत्रकार और हिन्दी प्रेमी हैं। वे हिन्दी को भारत और विश्व मंच पर स्थापित करने की दिशा में सदैव सार्थक प्रयास करते रहते हैं। भाषा के प्रश्न पर स्वामी दयानन्द सरस्वती, महात्मा गाँधी और राममनोहर लोहिया की परम्परा को आगे बढ़ाने वालों में डॉ. वेद प्रताप वैदिक का नाम अग्रणी है।

जन्म तथा शिक्षा
वेद प्रताप वैदिक का जन्म ब्रिटिशकालीन भारत में 30 दिसम्बर, 1944 को इंदौर, मध्य प्रदेश में हुआ था। अपने विद्यार्थी जीवन में वे सदैव प्रथम श्रेणी के छात्र रहे। दर्शन और राजनीतिशास्त्र उनके मुख्य विषय थे। अन्तरराष्ट्रीय राजनीति में उन्होंने ‘जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय’ से पी-एच.डी. किया। चार वर्ष तक उन्होंने दिल्ली में राजनीतिशास्त्र का अध्यापन भी किया। अफ़ग़ानिस्तान सम्बन्धी शोधकार्य के दौरान वेद प्रताप वैदिक को न्यूयॉर्क के ‘कोलम्बिया विश्वविद्यालय’¸ लन्दन के ‘प्राच्य विद्या संस्थान’¸ मास्को की ‘विज्ञान अकादमी’ और ‘काबुल विश्वविद्यालय’ में अध्ययन का विशेष अवसर मिला।[1]

भाषा विद्वान
अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति के विशेषज्ञों में वेद प्रताप वैदिक का स्थान महत्वपूर्ण है। उन्होंने लगभग पचास देशों की यात्रा की है। वे रूसी, फ़ारसी, अंग्रेज़ी, संस्कृत व हिन्दी सहित अनेक भारतीय भाषाओं के विद्वान हैं। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में अखिल भारतीय स्तर पर अनेकों बार पुरस्कृत किये जा चुके वैदिक जी अपने मौलिक चिन्तन और प्रभावशाली वक्तृत्व के लिये जाने जाते हैं।

सम्पादक
उन्होंने हिन्दी समाचार एजेन्सी भाषा के संस्थापक सम्पादक के रूप में एक दशक तक ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया’ में काम किया। इसके पूर्व वे ‘नवभारत टाइम्स’ में सम्पादक भी रहे। उस समय नवभारत टाइम्स सर्वाधिक पढ़ा जाने वाले हिन्दी समाचार पत्र था। इस समय वे भारतीय भाषा सम्मेलन के अध्यक्ष तथा ‘नेटजाल डाट कॉम’ नामक बहुभाषी पोर्टल के सम्पादकीय निदेशक हैं।

प्रकाशित पुस्तकें
अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत-अमरीकी प्रतिस्पर्धा (1973)
अफ़ग़ानिस्तान : कल, आज और कल (2002)
भारतीय विदेश नीति : नये दिशा संकेत (1971)
अंग्रेज़ी हटाओ : क्यों और कैसे ? (1973)
वर्तमान भारत (2002)
हिन्दी का सम्पूर्ण समाचार-पत्र कैसा हो ? (1994)
महाशक्ति भारत (2002)

पुरस्कार एवं सम्मान
हिन्दी अकादमी, दिल्ली द्वारा पत्रकारिता के लिये इक्कीस हजार रुपये की सम्मान राशि, 1990
डॉ. राममनोहर लोहिया सम्मान, कानपुर, 1990
मीडिया इण्डिया सम्मान, नई दिल्ली, 1992
प्रधानमन्त्री द्वारा रामधारी सिंह दिनकर शिखर सम्मान, 1992
काबुल विश्वविद्यालय द्वारा अफ़ग़ानिस्तान सम्बन्धी शोधग्रन्थ पर दस हजार रुपये की सम्मान राशि, 1972
इण्डियन कल्चरल सोसायटी द्वारा ‘लाला लाजपतराय सम्मान‘, 1992
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘अफ़ग़ानिस्तान में सोवियत-अमरीकी प्रतिस्पर्धा‘ ग्रन्थ पर ‘गोविन्द वल्लभ पन्त पुरस्कार, 1976
उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा हिंदी सेवा के लिये ‘पुरुषोत्तम दास टण्डन‘ स्वर्ण पदक, 1988
मधुवन (भोपाल) द्वारा पत्रकारिता में ‘श्रेष्ठ कला आचार्य‘ की उपाधि, 1989

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