रेलवे ब्रिज पर सालिड लोहा की जगह मिलावटी लोहा का इस्तेमाल।

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गाजियाबाद: लालकुआँ पर बनाये जा रहे रेलवे ब्रिज में सालिड लोहा की जगह मिलावटी लोहा का हो रहा है इस्तेमाल। लोहे के बीच में भरा जा रहा है वेल्डिंग। हर्कुलेस कंपनी को मिला हुआ है आर्डर। कंपनी और रेलवे ठेकेदार मिलकर लगा रहे है सरकार को करोड़ों का चुना। लोगों के सुरक्षा के साथ खिलवाड़।

मामला जिला गाजियाबाद के लालकुआँ का है। यहाँ पर रेलवे ब्रिज बनाने का काम चल रहा है लेकिन किस प्रकार से मिलावट कंपनी और सरकारी ठेकेदार यहाँ भी मिलावट करने मे लगे है। कंपनी हर्कुल को सालिड लोहा की प्लेट बनाने का आर्डर मिला हुआ है। लेकिन कंपनी और सरकारी आफिसर मिलकर इसमें वेंल्डिंग मेटेरियल भरवा रहे है। इस प्लेट को ब्रिज के ऊपर आयरन पिलर के नीचे लगाए जाने है। इसके लिए कंपनी को सालिड प्लेट बनाने का काम दिया हुआ है।

लेकिन यहाँ पर मामला तो मिलीभगत की है काम तो वेल्डिंग भरवाकर किया जा रहा है लेकिन रिपोर्ट सालिड का बनबाया जा रहा है। ज्ञात हो कि सालिड आयरन का दर बाजार में 300 प्रति किलोग्राम के आस-पास है जिसके लिए सरकार नें कंपनी को आर्डर दिया गया है। एक प्लेट 50 किलोग्राम से लेकर 1 हजार किलोग्राम तक की है। लेकिन यहाँ तो खुलेआम सरकार को चुना लगाया जा रहा है तथा लोगों के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है।

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