पायलट ने रखी ये चार शर्तें पायलट को मनाने के लिए आगे आईं प्रियंका गांधी,

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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट से बात की है और पायलट ने प्रियंका गांधी के सामने चार शर्ते रखीं है.


राजस्थान में पल-पल सियासी बाजी बदल रही है. अभी तक इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि राजस्थान बहुमत में है या फिर अल्पमत में. पार्टी से नाराज चल रहे सचिन पायलट ने अभी तक मीटिंग में पहुंचने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया. जबकि पार्टी की तरफ से इस बात के साफ संकेत दिए गए थे कि जो भी इस मीटिंग में शामिल नहीं होगा उसके खिलाफ पार्टी की तरफ से कार्रवाई की जाएगी. अब सीएम अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायल के बीच सुलह कराने के लिए प्रियंका गांधी की भी एंट्री हो चुकी है.


माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी सचिन पायलट से बात करेंगी और उन्हें मनाने की कोशिश करेंगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी ने सचिन पायलट से बात की है और पायलट ने प्रियंका गांधी के सामने चार शर्ते रखीं है. वह अपने चार विधायकों के लिए मंत्री पद चाहते हैं और इसके साथ ही वह वित्त मंत्रालय की मांग में भी अड़े हुए हैं. इसके साथ ही वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का भी पद अपने पास ही रखना चाहते हैं. अब माना जा रहा है कि सचिन कुछ शर्तों के साथ मान सकते हैं.


इससे पहले जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले सीएम अशोक गहलोत और दिल्ली से जयपुर गए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सचिन पायलट को विधायक दल की मीटिंग में आने का न्योता दिया. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 72 घंटों में सचिन पायलट से अनेकों बार बात की.


माना जा रहा है कि सचिन पायलट विधानसभा चुनाव के बाद से ही पार्टी से नाराज थे क्योंकि उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोका गया जबकि राजस्थान का चुनाव सचिन पायलट की अगुवाई में ही जीता गया. वहीं विधायकों का एक बड़ा दल सचिन पायलट के साथ था. सचिन को तब सबसे ज्यादा बुरा लगा जब अशोक गहलोत ने राज्य के उपमुख्यमंत्री को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया.

राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने आज अपने आवास में बुलाई विधायक दल की मीटिंग में अपनी सरकार के बहुमत का दावा किया है. सीएम के आवास पर इकट्ठा हुए मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस के नेता और पार्टी के विधायक विक्‍ट्री का साइन दिखाते हुए दिखाई दिए

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