राजस्थान में गुर्जर आंदोलन उग्र हुआ। रेल ट्रेक के साथ साथ जगह जगह नेशनल हाइवे भी जाम।

1 week ago Vatan Ki Awaz 0

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन उग्र हुआ। रेल ट्रेक के साथ साथ जगह जगह नेशनल हाइवे भी जाम।

कर्नल बैंसला के रवैये से सरकार के पेरोकार क्षुब्ध। अजमेर में भी जाम। रद्द हो सकता है राहुल गांधी का अजमेर दौरा।

10 फरवरी को राजस्थान में गुर्जर आंदोलन उग्र हो गया। पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला आठ फरवरी से ही सवाई माधोपुर मलारना डूंगर स्टेशन के निकट रेलपटरियों पर बैठे हुए हैं। इससे कई ट्रेन रद्द कर दी गई है। दस फरवरी को प्रदेशभर में गुर्जर समुदाय के लोगों ने नेशनल हाइवे जाम कर दिए। कर्नल बैंसला ने कहा कि यदि पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को पूरा नहीं किया गया तो प्रदेश में हालात और बिगड़ेंगे। इस बीच धौलपुर में आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच जमकर पथराव हुआ। इसमें कई आंदोलन कारी और पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। कर्नल बैंसला ने साफ कर दिया है कि अब सरकार से किसी भी मसौदे पर वार्ता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वार्ता कई बार हो चुकी है सरकार अब हमारे हाथ में पांच प्रतिशत आरक्षण दे देने की चिट्ठी देगी तभी आंदोलन समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि भले ही लोगों को परेशानी हो रही हो, लेकिन गुर्जरों की पीढ़ा उनके लिए सबसे पहले है। प्रदेश भर में गुर्जर बहुल्य क्षेत्रों में नेशनल हाइवे जाम होने से सम्पूर्ण राजस्थान में जाम की स्थिति हो गई है। जगह जगह ट्रकों की कई किलोमीटर लम्बी लाइन लग गई है। आंदोलन कारियों ने चेतावनी दी है कि 11 फरवरी से जयपुर-दिल्ली रेल मार्ग भी जाम कर दिया जाएगा।
सरकार के पेरोकार क्षुब्धः
कर्नल बैंसला ने सवाईमाधोपुर की रेल पटरियों पर बैठ कर जो रवैया अपनाया है उससे राज्य सरकार के प्रमुख पेरोकार पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह भी क्षुब्ध हैं। सिंह ने मीडिया से कहा कि वार्ता के लिए बैंसला को सवाई माधोपुर अथवा जयपुर में आमंत्रित किया गया है, लेकिन बैंसला वार्ता के लिए नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेल पटरियों पर सैकड़ों लोगों के सामने कोई वार्ता नहीं हो सकती है। उन्होंने बैंसला से आग्रह किया कि वे माहौल को सुधारने में सहयोग करें। इस बीच राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने फिर दोहराया है कि गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण देने का मामला केन्द्र सरकार से जुड़ा हुआ है। इसलिए आंदोलन कारियों को केन्द्र के समक्ष अपनी मांगों को रखना चाहिए। आरक्षण देना राज्य की कांग्रेस सरकार के हाथ में नहीं है। सरकार तो आरक्षण दिलवाने में सहयोग कर सकती है।
अजमेर में जामः
10 फरवरी को अजमेर में नारेली तीर्थ के सामने से गुजर रहे नेशनल हाईवे को भी गुर्जर समुदाय के सैकड़ों लोगों ने जाम कर दिया है। इससे दिल्ली मुम्बई का सड़क मार्ग प्रभावित हुआ है। जाम से पहले गुर्जर समुदाय ने नारेली के निकट देवनारायण मंदिर में बैठक की और फिर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हुए जाम लगा दिया। हालांकि गुर्जरों की इस बैठक पर प्रशासन की नजर सुबह से ही थी, लेकिन सैकड़ों गुर्जर हाइवे पर आए तो प्रशासन और पुलिस बेबस नजर आए। किसी की हिम्मत नहीं हुई कि गुर्जर समुदाय के लोगों के खिलाफ कार्यवाही कर सके। गुर्जरों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांग को पूरा नहीं किया तो रेल ट्रेक भी जाम कर दिया जाएगा। अजमेर के आंदोलन में सौरभ बजाड़, ओम प्रकाश भडाना, नौरत गुर्जर, महावीर खटना, शिवजी फावड़ा, हरचंद गुर्जर, सूरजकरण आदि सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
रद्द हो सकता है राहुल का दौराः
तय कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को 14 फरवरी को अजमेर में होने वाले सेवा दल के राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेना है। राहुल की यात्रा के मद्देनजर दस फरवरी को चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कायड़ विश्राम स्थल का दौरा किया। यहीं पर राहुल गांधी की सभा भी होनी है। लेनिक जानकार सूत्रों के अनुसार गुर्जर आंदोलन की वजह से प्रदेश भर में जो हालात उत्पन्न हुए हैं उन्हें देखते हुए 14 फरवरी का राहुल का दौरा रद्द हो सकता है। प्रदेश में जगह जगह रेल ट्रेक और सड़क मार्ग जाम हो रहे हैं। अब आंदोलन भी उग्र हो रहा है। ऐसे में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट राहुल के अजमेर दौरे के पक्ष में नहीं है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि राहुल के नहीं आने पर सेवादल का दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम स्थगित होगा या नहीं? जानकारों की माने तो राहुल गांधी की सभा को लेकर भीड़ जुटाने आदि की जो तैयारी होनीचाहिए वे भी अभी शुरू नहीं हुई है जबकि दौरे में मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं अभी तक भी गहलोत और पायलट ने भी सभा स्थल का जायजा नहीं लिया है। आमतौर पर राहुल गांधी की सभा से पहले दो तीन बार गहलोत और पायलट मौका मुआयना करते हैं।