जो बेटी थी वो बीबी हो गयी, बीवी सास हो गयी और बेटा साला।

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एक अजीबों गरीबों बाक्या लेकिन सच है। जो बेटी थी बीबी बन गयी और जो बीबी थी वो सास हो गयी। अपना ही बेटा साला हो गया और ताज मोहम्मद खुद का ही ससूर हो गया। और जो बेटी बचाने आयी थी वो बेटी भी थी और नातिन भी और ताज मोहम्मद उस लड़की का बाप भी था और नाना भी। और साला भी। उसने अपने बाप और जीजा का कत्ल एक साथ में कर दिया।

मामला लखनऊ जानकीपुरम सेक्टर तीन का है। ई-रिक्शा चालक तोज मोहम्मद जिसका उम्र 50 साल था उसके पहली पत्नी के बेटा जो कि अब उसका साला था ने कत्ल कर दिया। इंसपेक्टर जानकीपुरम मों. अशरफ के मुताबिक सेक्टर 3 के झुग्गी झोपड़ी मे रहने वाला ताज मोहम्मद ई-रिक्श चलाता था। मंगलवार के रात में वह सोया था। उसी समय उसके पहली पत्नी के बेटा शान मोहम्मद पहुँचा और देर रात उसने सो रहे पिता ताज मोहम्मद पर चोकू से ताबड़तोड़ सीने और पेट पर कई बार वार किया।

इसके बाद गला दबाने की कोशिश की। चीख पुकार सुनकर ताम मोहम्मद की दूसरी पत्नी की बेटी नुरजहाँ निकली और विरोध किया तो शान मोहम्मद भाग निकला। गंभीर हालत में ताज को ट्रामा ले जाया गया , जहाँ पर डाक्टरों की टीम नें उसे मृत घोषित कर दिया।

नुरजहाँ ताज मोहम्मद का बेटी और नातिन ने बताया कि जब शान मोहम्मद पिता पर हमला कर रहा था तो चीख सुनकर उसकी नींद टुटी। वह भागकर पहुँची और पिता के जान की भीख मांगते हुए शान के पैर में लिपट गई पर उसने एक न सुनी और ताबड़तोड़ चाकू से पिता पर प्रहार करता रहा।

पुलिस के मुताबिक ताज मोहम्मद की दूसरी पत्नी सतो असल में पहली पत्नी की बेटी है और ताज मोहम्मद उसी से दूसरी निकाह की थी। इसी कारण शाम मोहम्मद ने ताज की हत्या कर दी।

अब लोग कह रहे है कि शान मोहम्मद ने अपने अब्बा का खुन कर दिया। उसने सिर्फ अपने अब्बा का नही अपने सगी बहन के पति का भी खुन किया है। उसने अपनी मांग की सुहाग के साथ साथ अपनी बहन की सुहाग भी उजाड़ दी। उसे तो एक साथ में कई रिस्तों का कत्ल करने के जुर्म में फांसी की सजा होनी चाहिए।

लेकिन एक सवाल है कि जिसने जीते जी रिस्तों का कत्ल किया हो, अगर कोई उसका कत्ल कर दे तो उसके लिए भारत के संविधान में कौन सी सजा होनी चाहिए। वो बेटे भी तो अपने ही समाज में घुट-घुट जी रहा था। खैर यह तो कानून और न्यायालय तय करेगा लेकिन क्या भारत में बाप बेटी के रिस्ते को कलंकित करने वालों ताज मोहम्मद के लिए भी कोई सजा तय होनी चाहिए या नही । या फिर ऐसे ही रिस्तों को कलंकित करने वाले ताज को शान के हाथों सजा मुकरर किया जायेगा। कानूनविदों और समाज सुधारकों को इस पर भी विचार अवश्य करनी चाहिए।

आप देख रहे थे वतन की आवाज

जय हिंद जय भारत जय श्रीराम

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