सता के शिखर पर बैठी भारतीय जनता पार्टी , दीनहिनता के शिकार है

Spread the love

कहते है न जब दिन खराब हो तो ऊँट पर बैठे लोगों को भी कुते काट लेते है। ऐसा ही कुछ आजकल देश के सरकार और जनता के साथ हो रहे है। एक तरफ जहाँ कोरोना संकट से देश परेशान है वही दूसरी तरफ बंगाल हिंसा के आग में जलने लगा है। नित्य न जाने के कितने लोग जान गवा रहे है वही कोई विधवा को कोई अनाथ हो रहा है। शमशान की हालत क्या है यह मै बताना उचित नही समझता हूँ इसलिए बताने से रहा है। एक तरफ जहाँ मानव के लिए खतरा मंडराने लगा है वही दूसरी तरफ मानवता को शर्मशार करने की कृत्य जारी है। रोती बिलखती तस्वीरे जो मै आपको दिखा भी नही सकता हूँ।

बंगाल में चुनाव के बाद जो तस्वीरे सामने आ रही है वो किसी भी मानव हृदय को झकझोरने के लिए काफी है। चुनाव के बाद नंगा नाच करते नर पिशाच को देखकर तो यही लगता है कि यह हिंदुओं के खिलाफ सुनियोजित साजिश है जिसे आप और हम टीएमसी कार्यकर्ता कहने में लगे है वो टीएमसी कार्यकर्ता नही वो बंगलादेशी और रोहिंग्या मुसलमान है। जिसे अमित शाह ने इस देश से भगाने का बीड़ा उठाया हुआ है। जाहिर सी बात है उनके पास कागज तो होंगे ही नही। ऐसे में उनको डर सताने लगा है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह डायरेक्ट एक्शन है एक नये इस्लामिक राष्ट बनाने के लिए।

चुनाव से पहले आपने टीएमसी नेता को कहते तो देखा ही होगा कि हम भारत में 30 करोड़ है और 4 पाकिस्तान और बनायेंगे। इसके अलावा ममता की ब्यान चुनाव बाद जब सीआरपीएफ चली जायेगी। खैर यह तो एक ईशारा हो सकता है लेकिन इस बात पर कोई टीएमसी के हिंदू कार्यकर्ता किसी का कत्ल करे यह संभव नही। निश्चित तौर पर यह लोग रोहिंग्या और बंग्लादेशी है या भारतीय मुसलमान है। अभी तक लगभग 28 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है, औरतों के साथ बलात्कार किया गया है, आदिवासियों के बस्ती में आग लगा दिया गया है। लोग घर छोड़कर भाग रहे है। असम सरकार के हवाले से पता चला है कि कुछ लोग हिंदू आदिवासी असम सीमा में प्रवेश किया है जहाँ पर उनको शरण दिया गया है। उनके रहने की व्यवस्था की जा रही है।

इस बीच खबर आ रही है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बंगाल के दौड़े पर निकल पड़े है। कई कार्यक्र्ताओं से मिले है और कल से राष्ट्र व्यारी धरना आंदोलन चलाने की बात कह रहे है। सवाल उठता है कि बीजेपी जो कि सता में इतनी दीन हिन कहाँ से हो गई है। शर्म आनी चाहिए सता में बैठे पार्टी आंदोलन करने की बात करने लगे तो। यह भी संभव है कि शायद बीजेपी को विपक्ष में बैठकर धरना प्रदर्शन करने की आदत गई न हो।

बंगाल चुनावी हिंसा में लगातार हो रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला और बीजेपी के शीर्ष नेताओं की चुप्पी से बीजेपी को हिंदू आइडियोंजि मानने वालों के मन में एक आशंका उत्पन्न कर दिया है। उनको लगने लगा है कि यह भी 1947 के कांग्रेस के जैसे ही है जिसके पास सेंटर के पावर होते हुए भी 40 लाख से ज्यादा हिंदुओं को मरवा दिया। जबकि कांग्रेस और नेहरू जी चाहते तो बचा सकते थे। जिस कांग्रेस पर हिंदुओ ने भरोसा किया था वही उसके कातिल निकला। इसलिए संदेह होने लगा है कि कही मोदी जी के मन में भी नोवल शांति पुरस्कार लेने की विचार तो नही हिलकोरे मारने लगे है। हो सकता है कि इसिलिए सेक्युलर छवि बनाने के दिशा में काम करने लगे हो।

आज जब बंगाल मे पार्टी कार्यकर्ता और हिंदुओं पर हमला हो रहे है बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष धरना पर बैठने की बात कर रहे है। दर्जनों कार्यकर्ता मौत के घाट उतारे जा चुके है। महिलाओं के साथ रेप किया गया है, लेकिन देश के गृहमंत्री नींद से सो रहे है। एक बात समझना होगा अगर ऐसे ही सोते रहे तो देश में एक दिन आपके झंडा उठाने के लिए भी कोई कार्यकर्ता नही मिलेगा। हिंदुओं को दूसरा विकल्प ढुढ़ना पड़ेगा।

इससे पहले दिल्ली दंगे हुए वहाँ भी देश के गृहमंत्री के द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाया गया। लालकिला पर हमला करके तिरंगा को अपमानित किया गया, 500 से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान घायल हुए , दिल्ली के बार्डर बंद है लोग परेशान हो रहे है, आस-पास के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। पिछले दिनों खबरों के माध्यम से पता चला कि दिल्ली में मरीजों के लिए लाए जा रहे आक्सीजन को 3 घंटा ज्यादा समय लगता है क्योंकि तथाकथित किसानों नें बार्डर बंद कर रखा है, जबकि दिल्ली पुलिस आपके पास मे है। यह जबाबदेही भी आपके है। अब बंगा में कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले को आप धरना प्रदर्शन से ही निपटाना चाहते है। लोग आपसे डायरेक्ट एक्शन की उम्मीद कर रहे है। आप 356 का उपयोग करके राष्ट्रपति शासन लगा सकते है और आपको जल्द से जल्द लगाना भी चाहिए।

उठिये अमित शाह जी हिंदू राष्ट के पीड़ित हिंदू बंगाल से भागने के लिए मजबूर है। उसे बचाईये उसमें लड़ने की हिम्मत दीजिये। आप अपने सेना के सेनापति है। भारत वर्ष के सेनापति से हिंदुओं को बहुत उम्मीद है। किसी भी दीनहिनता की शिकार मत बनिये। विपक्ष क्या कहता है, लिवरल गैंग क्या कहता है, वामपंथी क्या कहता है इसको छोड़िये। इससे पहले कि हिन्दुस्तान मिट जाय नर पिशाचों को मिटा दीजिये। अमित जी उठिय़े।

%d bloggers like this: