अग्रवाल मित्रमंडल ने सभी सहयोगी के लिए आभार प्रकट किया।

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सभी साथियों को अवगत किया जाता है कि कल 17 मई 2020 को महाराजा अग्रसेन भवन पर अग्रवाल मित्र मंडल द्वारा चल रही मां अन्नपूर्णा की रसोई का समापन समारोह हुआ। इस अन्नपूर्णा रसोई में लॉक डाउन के प्रथम दिन से लेकर लॉक डाउन के तीसरे चरण के अंतिम दिन लगभग 52 दिनों तक जरूरतमंद लोगों को भोजन खिलाया गया और हमारे कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न स्थानों पर जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया।


हमारे इन 52 दिनों के प्रयासों में सहायक रहे अध्यक्ष राम निवास बंसल जी, कार्यवाहक महासचिव भूपेंद्र मित्तल जी, सुधीर मित्तल जी , प्रवीण बंसल जी ,राजेंद्र जैन जी, संजय गोयल जी, अशोक गोयल जी, संदीप अग्रवाल जी, बलराज गोयल जी, सुनील गुप्ता जी , विकास बंसल जी , एन.के. अग्रवाल जी, प्रदीप अग्रवाल जी , नवनीत गुप्ता जी, रोहतास गोयल जी , राधेश्याम गोयल जी , के .के .बंसल जी ,बजरंग लाल गुप्ता जी, अनिल गुप्ता जी ,लघु अग्रवाल जी, संजय अग्रवाल जी, पुनीत गर्ग जी, विजय गुप्ता जी, मनोज बृजवासी , बाबूलाल बंसल जी, मनोज गोयल जी ,ललित कुमार सिंघल, मनोज गुप्ता जी खोडा , विजय पंडित का बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर इस मुहिम को सफल बनाया।


मैं धन्यवाद देना चाहूंगा हमारे सभी भामाशाह दानदाताओं का जिन्होंने दान देने मैं कोई कसर नहीं छोड़ी और जी भर कर दान दिया जिससे मां अन्नपूर्णा की रसोई सुचारू रूप से 52 दिनों तक चल पाई बिना पैसे के कुछ नहीं हो सकता यह सभी जानते हैं सभी दानदाताओं का बहुत-बहुत आभार।


मैं धन्यवाद देना चाहूंगा अपने पत्रकार बंधुओं का जिन्होंने लगातार अग्रवाल मित्र मंडल की प्रेस विज्ञप्ति को अपने अपने समाचार पत्रों में जगह दी जिससे हमारी संस्था अग्रवाल मित्र मंडल का आप लोगों ने सम्मान बढ़ाया सभी पत्रकार बंधुओं का बहुत बहुत आभार।
मैं धन्यवाद देना चाहूंगा हलवाईयों का और अपनी अग्रवाल मित्र मंडल के सभी कर्मचारियों का जिन्होंने इस 52 दिन की कड़ी मेहनत करी और इस मुहिम को आगे बढ़ाने में सहयोग किया इन सभी का बहुत-बहुत आभार।


मैं धन्यवाद करना चाहूंगा अपने माता श्रीमती सुशीला देवी, पिता श्री महेश चंद अग्रवाल जी का जिनकी प्रेरणा से मैं यह कार्य कर पाए।
मैं धंयवाद करना चाहूंगा मेरी धर्मपत्नी वंदना अग्रवाल, व परिवार के सभी सदस्यों का और उन सभी परिवारों का जिन्होंने ऐसी कठिन परिस्थितियों में जहां कोई व्यक्ति अपने घर से बाहर निकलना नहीं चाहता था, वहीं *कंप्लीट लॉक डाउन में उन परिवारों ने उन्हें घर से बाहर जरूरतमंदों की सेवा के लिए निकलने दिया, जिसकी वजह से हम सब इस मुहिम को सफल कर पाय । इसी के साथ मैं अपने वैश्य समाज को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस महामारी के समय में बढ़ चढ़कर भाग लिया और इस मुहिम को सफल बनाने में योगदान दिया।
मैं अपने परिवार और वैश्य समाज का बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूं।

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