आतंकियों पर कसेगा शिकंजा, Terror Funding को लेकर एनआईए की छापेमारी जारी

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आतंकियों पर शिकंजा कसने के लिए आज सुबह से ही एनआई ने Terror Funding को लेकर कई जगहों पर छापेमारी कर रही है.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए (NIA) ने आतंकियों पर अब तेजी से शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एनआईए आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में आतंकियों के अलग-अलग ठिकानों पर रविवार की सुबह से ही छापेमारी कर रही है. यह छापेमारी जम्मू कश्मीर के शोपियां, अनंतनाग समेत कई जगहों पर हो रही है. इससे पहले पिछले शनिवार को भी एनआईए ने आतंक से जुड़े दो मामलों में 15 जगहों पर छापेमारी की थी.

बता दें कि पिछले महीने 10 जुलाई को, एनआईए ने आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में जम्मू-कश्मीर से 6 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही इस गिरफ्तारी से एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकियों से संपर्क रखने के आरोप में 11 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था. बर्खास्त होने वाले कर्मचारियों में आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के संस्थापक सैयद सलाउद्दीन के दो बेटे और दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे.

प्रतिबंध के बावजूद घाटी में जमात-ए-इस्लामी की गतिविधियां बढ़ने के बाद एनआईए ने यह छापेमारी की है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, छापेमारी से पहले दिल्ली से एक वरिष्ठ डीआईजी और टीम श्रीनगर पहुंचे थे.

श्रीनगर, बडगाम, गंदेरबल, बारामूला, कुपवाड़ा, बांदीपुरा, अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, रामबन, डोडा, किश्तवाड़ और राजौरी जिलों में छापेमारी की गई है.

इससे पहले 31 जुलाई को भी एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में 14 ठिकानों पर आईडी रिकवरी और लश्कर-ए-मुस्तफा के टॉप कमांडर हिदायतुल्लाह मलिक से जुड़े मामले में छापेमारी की थी. अधिकारियों ने बताया था कि हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना के बेटों सैयद अहमद शकील और शाहिद युसूफ को भी आतंकी फंडिंग में कथित तौर पर संलिप्त पाया गया था. इनमें से एक शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में कार्यरत था जबकि दूसरा शिक्षा विभाग में था. उन्होंने बताया था कि NIA ने दोनों व्यक्तियों के तार आतंकी वित्त पोषण से जुड़े होने का पता लगाया था.

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