तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न के मामले में बरी, कोर्ट ने खारिज किए लगाए गए सभी आरोप

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तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक के खिलाफ 2013 में गोवा के एक लक्जरी होटल की लिफ्ट के भीतर महिला साथी के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे

गोवा में एक सत्र अदालत ने आज शुक्रवार को तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल (Tarun Tejpal) को यौन उत्पीड़न मामले (sexual assault case) में बरी कर द‍िया है. कोर्ट ने मामले में 21 मई को अपना फैसला सुनाते हुए उन्‍हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है. न्‍यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को कथित यौन उत्पीड़न मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

तहलका पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक 2013 में गोवा के एक लक्जरी होटल की लिफ्ट के भीतर महिला साथी के साथ यौन उत्पीड़न करने के मामले में आरोपी थे. गोवा पुलिस ने नवंबर 2013 में तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. तेजपाल मई 2014 से जमानत पर बाहर थे. गोवा अपराध शाखा ने उनके खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था. राज्य की राजधानी पणजी के पास मापुसा नगर में स्थित अदालत के भवन के आस-पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

तरुण तेजपाल पर आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 354 (गरिमा भंग करने की मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354-ए (यौन उत्पीड़न), धारा 376 की उपधारा दो (फ) (पद का दुरुपयोग कर अधीनस्थ महिला से बलात्कार) और 376 (2) (क) (नियंत्रण कर सकने की स्थिति वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) के तहत मुकदमा चला. तेजपाल ने इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय का रुख कर अपने ऊपर आरोप तय किए जाने पर रोक लगाने का अनुरोध किया था लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी.

बता दें कि सरकारी अभियोजक फ्रांसिस तावोरा ने रविवार अदालत के बाहर संवाददाताओं को बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश क्षमा जोशी ने कहा कि वह “बिजली गुल” हो जाने की वजह से आदेश नहीं सुना सकती हैं. चक्रवाती तूफान ताउते के कारण रविवार से गोवा के कई हिस्सों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो रही है. यह तीसरी बार अदालत ने मामले में अपने फैसले को स्थगित कर दिया था. इससे पहले अदालत 27 अप्रैल को फैसला सुनाने वाली थी लेकिन न्यायाधीश ने फैसला 12 मई तक स्थगित कर दिया था. 12 मई को फैसला एक बार फिर 19 मई के लिए टाल दिया गया था.

अदालत ने पूर्व में कहा था कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते स्टाफ की कमी के कारण स्थगन किया गया था. बीते बुधवार को, तेजपाल अपने वकीलों और परिवार के कुछ सदस्यों के साथ अदालत में मौजूद थे. मीडिया के लोगों को अदालत में प्रवेश से मनाही थी.

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