सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को जारी किया नोटिस, पूछा- क्या 50 फीसदी से बढ़ाई जा सकती है

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मराठा आरक्षण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी हबै. इस मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए राज्यों से सवाल किया है कि क्या आरक्षण की सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाई जा सकती है? इस सवाल के बाद कोर्ट ने सुनवाई को 15 मार्च तक के लिए टाल दिया है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा है कि इस मामले पर 15 मार्च के बाद से रोजाना सुनवाई की जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले पर सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में राज्य सरकारों से सवाल किया गया है कि क्या आरक्षण की सीमा को 50 प्रतिशत से बढ़ाया जा सकता है? सोमवार के दिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील शंकरनारायण द्वारा आरक्षण के मुद्दे पर सवाल उठाया गया और कहा गया कि इस मामले पर कई राज्य बोल चुके हैं. हालांकि ये आरक्षण अलग अलग विषयों से आधारित हैं.

कोर्ट ने इस बाबत कहा कि 122वें संविधान संशोधन के माध्यम से आर्थिक आधार पर 10 फीसदी आरक्षण, जातियों में क्लासिफिकेशन जैसे मामलों को उठाया गया था. अगर इस विवाद की बात करें तो महाराष्ट्र में मराठाओं को आरक्षण देने की मांग लंबे समय से चल रही है. ऐसे में राज्य सरकार द्वारा साल 2018 में शिक्षा और नौकरी में 16 फीसदी तक आरक्षण देने का कानून बना दिया था. लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में इसकी सीमा को कम कर दिया था.

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