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सुप्रीम 🏢कोर्ट ने 929 पेज में दिया अयोध्‍या केस में 😲ऐतिहासिक फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने 929 पेज में अयोध्‍या केस पर ऐतिहासिक फैसला दिया है। इस मामले में 40 दिनों तक नियमित सुनवाई हुई थी। यह सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में अब तक की दूसरी सबसे लंबी चली सुनवाई थी। सबसे लंबी सुनवाई का रिकॉर्ड 1973 के केशवानंद भारती केस का है, जिसमें 68 दिनों तक सुनवाई चली थी। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला सुनाया उसके प्रमुख बिंदुओं पर एक नजर:

  1. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्‍या केस में ऐतिहासिक फैसला सर्वसम्‍मति यानी 5-0 से सुनाया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्‍व में पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि विवादित जमीन पर राम मंदिर बनेगा। विवादित जमीन रामलला को दी जाएगी।
  2. मुस्लिम पक्ष अपने साक्ष्यों से यह सिद्ध नहीं कर पाए कि विवादित भूमि पर उनका ही एकाधिकार था। मुस्लिम पक्ष को अयोध्‍या में किसी अन्‍य जगह मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन दी जाएगी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जमीन के बंटवारा का आदेश गलत था।
  3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार 3 महीने के भीतर एक स्‍कीम बनाकर एक ट्रस्ट का गठन करेगी जो मंदिर बनवायेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि इससे जुड़ी जो बाकी याचिकाएं हैं, वो खारिज की जाती हैं। CJI ने रामलला के वकील के पराशरण और सी एस वैद्यनाथन, हरिशंकर जैन की सराहना की।
  4. कोर्ट ने शिया वक्‍फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस ने कहा कि मीर बाकी ने बाबर के वक्‍त बाबरी मस्जिद बनवाई थी। 1949 में दो मूर्तियां रखी गईं। बाबरी मस्जिद को गैर-इस्‍लामिक ढांचे पर बनाया गया। बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी।
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