सरस आजीविका मेला 2021 में 27 राज्यों के 300 महिला उद्यमि शामिल

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नोएडा हाट में 26 फरवरी से चल रहे सरस आजीविका मेला 2021 में आज रविवार होने के कारण काफी रौनक रहा। आम तौर पर बांकि शनिवार और रविवार के अलावा मेला मे खालीपन का एहसास जरूर रहता है। लेकिन आज खरीदारों तथा मेला के लुत्फ उठाने वालों का भारी जमावड़ा को देख देश के अलग-अलग राज्यों से आये व्यापारिक महिला उद्यमि में काफी उत्साह देखा गया। एक तरह से कहा जाय तो गलत नही होगा कि यही महिला सशक्तिकरण है।

आत्मनिर्भर भारत योजना का हो रहा है सराहना

सरस आजीविका मेला में आये उद्यमि आत्मनिर्भर भारत योजना का खुलकर समर्थन कर रहे है। उनका कहना है कि आप नौकरी करते हो तो दूसरे के बैंक खाते को खोलते हो लेकिन अगर आप स्वयं का बिजनेस करते है उद्योग लगाते है तो आप अपना छोटा मोटा काम करते हो तो अपना ही अकाउण्ट खोलते है। इसिलिए रूरल सेल्फ एम्पलायंमेंट ट्रेनिंग इस्टीट्यूट लगातार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रहा है।

जिसके तहत युवाओं को 61 तरीके की प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्था के डायरेक्टर श्री बीर सिंह ने बताया कि, सबसे बड़ी बात यह प्रशिक्षण बिल्कुल निशुल्क है। अगर ट्रेनिंग लेने वाले के पास रहने खाने की व्यवस्था नही है तो उसके लिए भी संस्था व्यवस्था करती है। सबसे बड़ी बात प्रशिक्षण जो कि सिर्फ 8 से 30 दिनों की है, समाप्त होने के बाद आपको अपने काम करने के लिए बैंक से लोन भी दिलवाये जाते है। जरूरत है तो सिर्फ और सिर्फ कुछ करने वाली इच्छा की।

पारंपरिक वस्त्र तथा आयुर्वेद का भी झलक है।

मेला में भारत के 27 राज्यों से 300 महिला उद्यमी को शामिल किया गया है। अगर आप इस मेले जाते है तो आपको देश के विभिन्न राज्यों तथा क्षेत्र के सांस्कृतिक तथा पारंपरिक वस्त्र तथा भोजन से अवगत होने का एक बेहतरीन मौका मिलतला है। महाराष्ट्रा के किशमिस से लेकर कर्नाटका पारंपरिक साड़ी तथा आयुर्वेदिक जड़ी बुटी से बने बाल उगाने की तेल, उड़ीसा के बने कपड़े तथा जुट के बैग, मोरेना मध्यप्रदेश के सिल्क साड़ी, पंजाब के पोशाक देखने को मिलते है।

मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनन्द ले सकते है।

मेला में वस्त्र तथा परिधान के अलावा यहाँ पर आप सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनन्द ले सकते है। देश के विभिन्न हिस्सों से आये देशी तथा ख्याति प्राप्त कलाकार के द्वारा देशी संगीत तथा नृत्य का आनन्द आप हर रोज 4 बजे से मेला के बीचों बीच में बने स्टेज से ले सकते है। आज इस मेले में नृत्य कलाकारों के द्वारा मनमोहक व नृत्य किया गया जसे देख दर्शक झुम उठे।

इसके अलावा अगर आप खाने पीने के शौकिन है तो आप भी मेला में जाकर देश के अलग -अलग हिस्सों के व्यंजन का लुत्फ उठा सकते है। बिहार के लिट्टी चोखा से लेकर साउथ के इडली डोसा व बड़ा आपको यहाँ मिलते है। इसके अलावा महाराष्ट्रा के बड़ा पाव व कर्नाटका के बिना पानी वाली जुस जो स्पेशल आईस के बना हुआ यहाँ पर मिलते है। पंजाब, राजस्थान, हरियाणा तथा केरल और तमिलनाडू के व्यंजन भी उपलब्ध है और आप इस जायके का मजा भी ले सकते है।

रश्मि परमार जो कि एक यंग प्रोफेशनल है और पैकेजिंग डेवलपमेंट पर काम करती है। सरस आजीविका मेंले में उड़ीसा के तरफ से स्टेट कोर्डिनेटर की भूमिका निभा रही है। आत्मनिर्भर भारत पर पूछे गये सवाल पर कहती है “कोई भी योजना एकदम से तो नही दिखाई देता है लेकिन मै यह कहना चाहती हूँ कि इसका फायदा हुआ है और आने वाले दिनों में भी होगा।

क्योंकि जिस प्रकार से लाॅक डाउन में लोगों ने अपने घर से काम करना शुरु किया और उसको सोशल मिडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया है। सबसे बड़ी बात उनको इसका लाभ भी मिला है। आने वाले समय में यह आत्मनिर्भर भारत महिला सशक्तिकरण का एक उदाहरण बनेगा। उसके अलावा वोकल फाल लोकल का भी असर है लोग पहचान रहे है कि हम बाहर का नही अपने देश का सामान ही खरीदना है। मै तो यही कहूँगा कि जो हमारे जेनरेशन के युवा है उनकों इस मेले में आना चाहिए और अपने देश के पारंपरिक वस्त्र और परिधान को देखना चाहिए समझना चाहिए।”

नोएडा में पहली बार सरस आजीविका मेला का आयोजन किया गया है और आयोजक इसको लकेर काफी उत्साहित है। उनका कहना था कि इससे पहले दिल्ली में सरस मेला का आयोजित किया जाता था लेकिन इस बार नोएडा में आयोजित किया गया है अगली बार गाजियाबाद में आयोजित होना है। दिल्ली में आम जनता के पहुँच जल्दी है लेकिन इस मेले में जगह ज्यादा मिला है और लोगों का भी रिस्पांस मिल रहा है। भारत के 27 राज्यों से 300 महिला उद्यमि शामिल हुए है। हर बार मै इसको 25 प्रतिशत बदलाव करता हूँ. ताकि सबको मौका मिलना चाहिए। हमारे साथ में 65 हजार से ज्यादा संस्था जुडा हुआ है।

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