सुपरटेक प्रमोटर को रेरा ने जारी किया कारण बताओं नोटिस ।

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उत्तर प्रदेश रेरा नें बड़ी कारवाई करते हुए प्रमोटर सुपरटेक को जारी किया कारण बताओं नोटिस। रेरा के 59वीं बैठक जो कि 19 मार्च को किया गया था जिसमें मेसर्स सुपरटेक टाउनशिप प्रोजेक्ट लि0 की आगामी परियोजना , गोल्फ कन्ट्री जो कि GH01 -फेज 1A एवं गोल्फ कन्ट्री GH01 -फेज 1B के पंजीयन हेतु उ. प्र. रेरा की वेवसाईट पर आवेदन के विषय में चर्चा की गयी।

प्राधिकरण के द्वारा इस बात की संज्ञान लिया गया कि सुपरटेक लि0 जिसका 36 परियोजना प्राधिकरण में पंजीकृत है लेकिन प्रमोटर के द्वारा इस परियोजना को पूरा करने का प्रयास नही किया है। जिसके कारण ज्यादातर परियोजना आधा अधूरा में लटका पड़ा है। ज्यादातर परियोजना के पंजीकरण समाप्त हो चुका है लेकिन परियोजना पूरा नही किया गया। जिसके कारण हजारों घर खरीदारों को घर नही दिया जा रहा है और घर खरीदार पैसे देने के बाद भी परेशान है।

अधिकतर परियोजना के लिए कराये गये पंजीयन समाप्त हो चुका है लेकिन नये पंजीयन के लिए किसी प्रकार से आवेदन भी नही किया गया है। उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के द्वारा इस बारे में भी संज्ञान लिया गया कि सुपरटेक लि0 ग्रुप की परियोजनाओं के आवंटियों के द्वारा प्राधिकरण में बहुत बड़ी संख्या में शिकायत प्रस्तुत की गयी है। प्रमोटर प्राधिकरण के आदेशों का अनुपालन नही किया जा रहा है।

प्राधिकरण द्वारा अपनी बैठक में निम्नलिखित विषयों पर भी विचार किया:

  1. समूह कि ऐसी 20 परियोजनाए, जिनका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया है लेकिन परियोजना पूरा नही किया गया है, 2) इन 20 परियोजना में से 05 परियोजनाओं का पंजीयन विस्तार प्रमाण-पत्र इसलिए नही जारी हो पाया है कि प्रमोटर द्वारा अर्थदंड की धनराशी नही जमा की गयी है। 3) ऐसी परियोजनाएँ जिनका रजिस्ट्रेशन समाप्त हो गया है, उनमें से अधिकांश परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए प्रमोटर कोई सार्थक प्रयास नही किया है। 4)प्रमोटर द्वारा 13 परियोजनाओं के पंजीयन विस्तार हेतु आवेदन भी प्रस्तुत नही किया गया है। 5) सुपरटेक टाउनशिप प्रोजेक्ट कि परियोजना सुपरटेक गोल्फ कंन्ट्री फेज-1 के विस्तार आवेदन के साथ मानचित्र भी प्रस्तुत नही किया गया है। 6) प्राधिकरण में समुह के विरुद्ध 2454 आवंटियों द्वारा शिकायत योजित की गयी है, प्राधिकरण द्वारा 1629 शिकायतों का निस्तारण किया गया है उनमें से 105 मामले में धनराशी रिफंड तथा 1243 मामले में आवंटियों को कब्जा के आदेश दिए गए है। 7) सुपरटेक ग्रुप तथा समुह के अन्य प्रमोटर्स द्वारा प्राधिकरण के आदेशों का अनुपालन की स्थिति अत्यंत निराशाजनक है।

सुपरटेक बिल्डर के द्वारा शोषण किये जाने की शिकायत लगातार मिलते रहे है। एक तरफ जहाँ घर खरीदारों को घर नही दिया गया है वही दूसरी तरफ प्राधिकरण के बकाया धनराशी भी नही दिया गया है जो कि 300 करोड़ से ज्यादा है।

सुपरटेक के आफिस में घर खरीदारों के साथ मार-पीट का मामला भी सामने आया था, कंपनी के डायरेक्टर से सेक्टर 96 स्थित आफिस में मिलने गए घर खरीदारों के साथ आफिस के बाउण्सर के द्वारा मार-पीट किया गया।

नोएडा के वरिष्ठ नागरिक व अधिवक्ता श्री अनिल के गर्ग नें कहा कि रेरा को ठीक प्रकार से पेपर चेक करना चाहिए और समय समय पर घर खरीदारों को जानकारी देना चाहिए। क्योंकि रेरा एक जिम्मेदार प्राधिकरण है और अगर किसी भी प्रकार से घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी होता है तो इसके लिए रेरा भी कही न कही जिम्मेदार होता है।

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