मान्यता आठ तक फिर भी बेख़ौफ़ संचालित हो रही इंटरमीडिएट तक की कक्षाएं

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बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी के आदेशों की उड़ाई जा रहीं खुलेआम धज्जियां

शिक्षा माफिया अपनी दबंगई से चला रहे है गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयहुजूर यहां अधिकारियों का नही बल्कि शिक्षा माफियाओं का कानून चलता हैज्ञात हो कि करीब दो वर्षों से चल रहा कालपी के प्रसिद्ध तहसील परिसर के समीप जी.सी.आर शिक्षण संस्थान जिसकी मान्यता केवल आठ तक है लेकिन फिर भी शिक्षा माफिया बिना किसी भय के इंटरमीडिएट कक्षाएं संचालित कर रहे है वहीं देखा जाए तो ये शिक्षा माफिया प्रति वर्ष नवीन सत्र का आगाज होते ही अपने विद्यालय के पम्पलेट छपवा कर व अभिभावकों को फर्जी सुविधाएं बता कर लूटने में कोई कसर नही छोड़ते है।

वहीं आपको बताते चलें कि पिछले वर्ष भी चैकिंग के दौरान ये विद्यालय बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शाही ने अपने आलाधिकारियों के साथ कालपी उपजिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला की उपस्थिति में चेतावनी भी दी थी लेकिन दबंग शिक्षा माफिया ने अधिकारियों की बात सिगरेट से निकले धुएं में उड़ा दी जिससे साफ-साफ साबित होता है कि जिले में बैठे शिक्षा विभाग के अधिकारी इस दबंग शिक्षा माफिया के सामने मत्था टेकते नजर आ रहे है फिलहाल यहां अधिकारियों का नही शिक्षा माफियाओं का कानून चलता है।

वहीं आपको बताते चलें कि पिछले करीब दो दिन पहले शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कालपी के जी.सी.आर शिक्षण संस्थान में छापा मारा था जिसमे अधिकारियों को इंटरमीडिएट तक की कक्षाएँ संचालित होती नजर आईं लेकिन अधिकारियों ने देखते हुए भी सील करने की बजाय विद्यालय के प्रधानाचार्य को नोटिस थमा दिया।नोटिस का मतलब समझते हो भाईसाहब मतलब ये कि ये लीजिए नोटिस और सीधे हमारे ऑफिस में मुझसे मुलाकात कीजिये और जब मुलाकात होगी तो नोटों से भरा बंद लिफाफा तो अपने आप ही मिलेगा वाह रे इक्कीसवीं सदी के झंडे वरदार जनता को बेवकूफ समझ रखा है क्या?फिलहाल एक बात बता दें आपको कि ये पब्लिक है ये सब जानती है।

लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक ऐसे दबंग शिक्षा माफिया बच्चों के भविष्य के साथ करते रहेंगे खिलवाड़ और कब तक जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति कर अपनी जेब गर्म करते रहेंगे ये तो आगामी समय ही तय करेगा।

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