राहुल गांधी : कृषि क़ानूनों से लेकर मोदी सरकार की चीन नीति और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक, सब पर बातचीत की

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष . राहुल गांधी ने एक बार ख़ुद को किसानों का हमदर्द बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानून से कृषि क्षेत्र पर तीन-चार पूंजीपतियों का क़ब्ज़ा हो जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे कृषि सेक्टर को दो-तीन पूंजीपतियों के हाथों में सौंप दिया है. उन्होंने कहा कि दूसरे क्षेत्रों में बस कुछ ही लोगों का क़ब्ज़ा होता जा रहा है जो प्रधानमंत्री के क़रीबी लोग हैं.अगर आप पिछले 6-7 साल को देखें तो हर इंडस्ट्री में उन्हीं चार-पाँच लोगों का एकाधिकार बन रहा है। एयरपोर्ट या टेलीकॉम देखिए, जहां भी आप देखेंगे तो इन्हीं लोगों का एकाधिकार हैइस देश के 4-5 नए मालिक है। आज तक खेती में एकाधिकार नहीं था। आज तक हिंदुस्तान के खेतों का फायदा किसानों, मजदूरों, मिडिल क्लास और गरीबों को जाता थाराहुल ने कहा कि खेती अभी तक बची हुई थी लेकिन अब उस पर भी एकाधिकार होने वाला है. इस दौरान राहुल गांधी ने ‘खेती का ख़ून’ नाम से एक बुकलेट भी जारी की. कांग्रेस के इस बुकलेट पर बीजेपी ने जवाबी हमला किया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “आप खेती का ख़ून की बात करते हैं लेकिन बंटवारे के समय हुए ख़ून-ख़राबे का क्या? तीन हज़ार सिखों को 1984 में दिल्ली में ज़िदा जला दिया गया. क्या वो ख़ून-ख़राबा नहीं था? कांग्रेस के राज में लाखों किसानों ने जान दी, क्या उनके शरीर में ख़ून नहीं था?” इस दौरान राहुल गांधी ने ये भी कहा कि वो किसी से नहीं डरते और वो मुझे गोली मार सकते हैं लेकिन छू नहीं सकते. किसानों को समर्थन करते हुए कहा कि आज किसान केवल अपने लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि वो सभी के लिए लड़ रहे हैं और इसलिए सभी को किसानों के समर्थन में खड़ा होना चाहिए. उन्होंने नौजवानों से ख़ासकर किसानों के साथे खड़े होने की अपील की. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को हर हालत में इन तीन कृषि क़ानूनों को वापस लेना ही होगा. उन्होंने कहा, “सरकार समझती है कि किसानों को थकाया जा सकता है, उन्हें बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है. लेकिन, प्रधानमंत्री से ज़्यादा समझ देश के किसानों को है. हल एक ही आएगा कि तीनों क़ानून वापस लेने होंगे.”राहुल गांधी से पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा था. राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान नड्डा के हर मुद्दे का बारी-बारी से जवाब दिया. नड्डा के एक बयान पर राहुल गांधी ने कहा, “किसान सच्चाई जानते हैं. सभी किसानों को पता है राहुल गांधी क्या करता है. नड्डा भी भट्टा परसौल में नहीं थे. मेरा चरित्र बिल्कुल पाक-साफ़ है, मैं डरा हुआ नहीं हूं, वो मुझे नहीं छू सकते हैं, वो मुझे गोली मार सकते हैं.” नौजवानों को मुख़ातिब करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “आज देश में त्रासदी आ गई है, लेकिन सरकार उसकी अनदेखी कर लोगों को गुमराह कर रही है. आज मैं केवल किसानों के बारे में बात नहीं करूंगा क्योंकि किसान की समस्या तो उस पूरी त्रासदी का एक हिस्सा है. यह नौजवानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यह आपके वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आपके भविष्य के लिए है.” जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि वो एपीएमसी मंडी के बंद होने का झूठ फैला रहे हैं.इसका जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “क्या वो मेरे प्रोफ़ेसर हैं, वो कौन हैं जो मैं उन्हें जवाब देता फिरूं. मैं देश के किसानों, देश की जनता को जवाब दूँगा. अपनी आवाज़ उठाता रहूंगा चाहे कितना भी विरोध हो जाए.” जेपी नड्डा ने चीन के मुद्दे पर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा था. राहुल ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उसका भी जवाब दिया. नड्डा ने कहा था कि चीन के मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कब झूठ बोलना बंद करेंगे? इसके जवाब में राहुल गांधी ने नड्डा से पलट कर पूछा, किस सरकार के रहते चीनी सैनिक भारतीय धरती में दाख़िल हुए और 20 सिपाहियों को बुरी तरह ‘शहीद’ कर दिया? किस सरकार के रहते चीन ने अरुणाचल प्रदेश में पूरा एक गांव बना लिया? किस सरकार के रहते चीन ने पैंगोंग झील इलाक़े में भारतीय ज़मीन पर क़ब्ज़ा किया है? राहुल गांधी ने नड्डा पर निशाना साधते हुए आगे कहा, किस सरकार के रहते डोकलाम की घटना हुई? किस प्रधानमंत्री ने अपनी छवि बचाने के लिए चीनी घुसपैठ के बारे में झूठ बोला? नड्डा जी विपक्ष पर सवाल उठाने के बजाए आपको शायद प्रधानमंत्री से पूछना चाहिए कि क्या वो चीन को जवाब देने के बारे में कोई योजना बना रहे हैं या वो फिर ज़्यादा से ज़्यादा बस चीनी ऐप्स को ही बैन कर सकते हैं? जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया था कि वो जब पूरा देश कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ लड़ रहा था तो राहुल गांधी ने पूरे देश को हतोत्साहित करने का कोई भी मौक़ा नहीं गंवाया. इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि भारत में डेढ़ लाख से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. राहुल गांधी ने कहा, “कोरोना वायरस से अब तक 1,53,000 मारे गए हैं और उनमें वो प्रवासी मज़दूर शामिल नहीं हैं जो आपकी सरकार के बग़ैर सोचे समझे लागू किए लॉकडाउन के कारण मारे गए या फिर जिनकी ज़िंदगी तबाह हो गई. मेहरबानी करके उनकी यादों का अपमान मत कीजिए, सिर्फ़ सस्ते राजनीतिक प्वाइंट्स हासिल करने के लिए.” राहुल गांधी ने नड्डा के ज़रिए नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा, “एक आख़िरी सवाल नड्डा जी, प्रधानमंत्री मोदी कब प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे?”

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