‘Rafel’ गर्व की उड़ान

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राफेल पर कविता:-

गर्व की उड़ान है वो,
आग की खान है वो,
दहक,दहक जलता हुआ,
ज्वालामुखी आया है!

बादलो को चीर कर,
देश की लकीर पर,
राफेल इन्द्रवज्र वो,
शत्रुओ का नाश करने आया है!

बाज की चाल सा वो,
या वासुकी नाग हो,
शत्रु का विनाश है वो,
चाहे चीन हो या पाक हो!

सैनिको का रक्षक है वो,
युद्ध का आधार है,
दुश्मनो की छाती पर ,
वो भीष्म सा प्रहार है!

खुद ही शक्तिशाली है वो,
खुद ही नवाब है,
दुश्मनो की बम गोलियो का,
मुँहतोड जबाव है!

नाम है राफेल जो
आकाश दीप्तिमान है,
लडाकूओ मे उन्नत है,
विमानो का विमान है!!

नीशू उपाध्याय🇮🇳🇮🇳

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