लद्दाख में दिखेगा रफाल का दम, अंडमान में भारत-अमेरिकी नौसेना का अभ्यास

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अंडमान में आज भारत और अमेरिका की नौसेना ने युद्धाभ्यास किया. इसके साथ ही अमेरिका का सबसे बड़ा विमानवाहक युद्धपोत निमित्‍ज अंडमान-निकोबार पहुंच गया है.


भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर मौजूदा विवाद के बाद भारतीय सेना अब और ज्यादा मुस्तैद होने जा रही है. लद्दाख में जल्द ही रफाल का दम दिखाई देने वाला है. सूत्रों के मुताबिक लद्दाख में रफाल को तैनात किया जा सकता है. इसको लेकर पूरी तैयारी की जा रही है. वहीं दूसरी ओर अंडमान में भारत और अमेरिकी नौसेना का आज युद्धाभ्यास है. यानी की चीन भारत और अमेरिकी का शक्ति का प्रदर्शन देखेगा.

अंडमान में आज भारत और अमेरिका की नौसेना ने युद्धाभ्यास किया. इसके साथ ही अमेरिका का सबसे बड़ा विमानवाहक युद्धपोत निमित्‍ज अंडमान-निकोबार पहुंच गया है. विमानवाहक युद्धपोत निमित्ज 90 फाइटर जेट के साथ अंडमान पहुंचा है.
गौरतलब है कि आए दिन चीन की तरफ से सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए सेना कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है. भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के शीर्ष कमांडर बुधवार से शुरू हो रहे तीन दिवसीय सम्मेलन में देश की वायु रक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा करेंगे. इसमें चीन के साथ सीमा विवाद के मद्देनजर लद्दाख क्षेत्र में रफाल (Rafael) लड़ाकू विमानों के पहले बेड़े की संभावित तैनाती पर भी चर्चा की जाएगी. सैन्य सूत्रों ने यह जानकारी दी.

सूत्रों ने बताया कि कमांडरों के लद्दाख सेक्टर में अगले महीने की शुरुआत तक करीब छह रफाल विमानों के प्रथम बेड़े को तैनात करने पर विशेष रूप से चर्चा करने की भी उम्मीद है. ये विमान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े में जुलाई के अंत तक शामिल किए जाने वाले हैं. एक सूत्र ने कहा, ‘‘कमांडर क्षेत्र में उभरते सुरक्षा हालात की समीक्षा करेंगे और वायुसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे. ’ सम्मेलन की अध्यक्षता वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया करेंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के भी वायुसेना कमांडरों को संबोधित करने की उम्मीद है.

वायुसेना पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों से रात के समय में लड़ाकू हवाई गश्त कर रही है. इसका उद्देश्य संभवत: चीन को यह संदेश देना है कि वह इस पर्वतीय क्षेत्र में किसी भी अकस्मात स्थिति से निपटने के लिये बखूबी तैयार है. रक्षा मंत्री के क्षेत्र के दौरे के दौरान शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख के स्ताकना में एक सैन्य अभ्यास में वायुसेना की कई हथियार प्रणालियों ने भागीदारी की. इस अभ्यास में काफी ऊंचाई वाले क्षेत्र में जटिल सुरक्षा परिदृश्य से निपटने में थल सेना (Army) और वायुसेना की समन्वित लड़ाकू क्षमता का प्रदर्शन किया गया है.

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