दहकती होलिका में पानी डालकर बुझाना, क्या हिन्दू के भावनाओं का अपमान है ?

Spread the love

दिल्ली में केजरीवाल सरकार है जो आये दिन हिंदू विरोधी काम करता ही रहता है। चाहे वो निर्भया केस के नाबालिग को सिलाई मशीन देने को हो या फिर शाहीन बाग को समर्थन। यह तो वामपंथियों के एजेंडे में है। भारत को तोड़ो और चाइना और अरब से चंदा लो।

लेकिन होली पर हुए इस घटना के लिए तो केजरीवाल को दोष नही दिया जा सकता है। क्योंकि पुलिस तो उसके पास पहले ही नही थी और अब पावर कम करके उप राज्यपाल को उसका बाॅस बना दिया है। ऐसे में केजरीवाल तो निहायत ही शरीफ है मुस्लिम तुष्टिकरण के अलावा कुछ भी नही कर सकता है।

दिल्ली में जलती होलिका को दिल्ली पुलिस नें पानी डालकर बुझा दिया। सुदर्शन न्यूज ने जब इसका विडियों दिल्ली पुलिस को टवीट किया तो दिल्ली नें मामले से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस नें जलती होलिका में पानी नही डाला और नही ही किसी को गिरफ्तार किया गया। जो विडियों में दिखाई दे रहा है वो पानी है या पेट्रोल यह तो पता नही चल रहा है लेकिन साफ-साफ है कि कुछ डाला जा रहा है।

दिल्ली पुलिस नें कहा है कि किसी प्रकार कि गिरफ्तारी नही की गयी है। बात तो यही है कि या तो दिल्ली पुलिस पानी डालकर दहकती होलिका को बुझा दिया, या फिर तेल डालकुर आग को और भड़का दिया। हिंदुओं के भावना को ठेस पहुँचा है। आमतौर पुलिस वाले ऐसा करते नही है, अगर इनके पास किसी नेता का फोन आया है और इनको बुझाना पड़ा है तो निश्चित तौर पर उन नेता को गिरफ्तार कर लेना चाहिए। पुलिस वाले की मोबाईल कि जांच की जानी चाहिए कि किसके कहने पर ये सब किया गया है।

अब बीजेपी वाले सारा दोष केजरीवाल के सिर मढ़ने में लगे है। जबकि दिल्ली पुलिस केन्द्र सरकार के पास है और अमितशाह दिल्ली पुलिस के कर्ता-धर्ता है। दिल्ली पुलिस नें जलते हुए होलिका में पानी डालकर बुझाया है तो दोष तो अमितशाह के ऊपर आनी चाहिए न कि केजरीवाल सरकार। जय हो मोदी सरकार, दिल्ली वालों को अब पर्व मनाने भी नही रहा अधिकार।

%d bloggers like this: