शारीरिक शिक्षकों की भर्ती उम्र भी दुसरे विषय जितनी हो – डॉ. पियूष जैन

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(21 जनवरी को दिल्ली में होगी शारीरिक शिक्षकों की मीटिंग)
फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) के सचिव डॉ. पियूष जैन ने एक वक्तव्य जारी करके कहा है की हाल ही में दिल्ली सरकार के द्वारा दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के द्वारा निकाली गयी नौकरियों में शारीरिक शिक्षकों के साथ किये गए भेदभाव से पूरी दिल्ली ही नहीं देश भर के शारीरिक शिक्षकों में रोष है.

पिछली बार की तरह इस बार फिर से दिल्ली में शारीरिक शिक्षा के साथ भेदभाव किया जा रहा है, एक तरफ जहां दुसरे विषयों के शिक्षकों के लिए पीजीटी और टीजीटी की आयु सीमा 36 और 32 साल रखी गयी है वही शारीरिक शिक्षा विषय के लिए यह आयु 30 वर्ष रख कर हजारो बेरोजगार युवाओं से छल किया गया है.


डॉ. जैन ने बताया की जहा दुसरे विषय के शिक्षक 2 साल बीएड की पदाई करते है वही शारीरिक शिक्षा के शिक्षक भी बीपीएड की 2 साल की पदाई करके ही शिक्षक बनते है और दोनों ही कोर्स भारत सरकार के राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् के द्वारा संचालित है और दोनों ही कोर्स समान है फिर यह भेदभाव कैसा है.


फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) के द्वारा दिल्ली सरकार से मांग की जाती है की वह शारीरिक शिक्षकों के साथ अन्याय ना करते हुए इस विषय के पीजीटी और टीजीटी की आयु सीमा क्रमश: 36 और 32 साल करें जिससे की अधिक से अधिक शारीरिक शिक्षक इस भर्ती में हिस्सा ले सकें.


फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (पेफी) ने इस विषय की गंभीरता को समझते हुए पूरे दिल्ली के शारीरिक शिक्षकों की एक मीटिंग 21 जनवरी को आई टी ओ दिल्ली स्तिथ मालवीय स्मृति भवन में बुलाई है जिसमे शारीरिक शिक्षा के साथ हो रहे अन्याय पर शारीरिक शिक्षकों के साथ चर्चा की जायेगी और आगे की रणनीति बनायी जायेगी. पेफी ने देश भर के शारीरिक शिक्षकों से अपील की है की इस मीटिंग में अधिक से अधिक संख्या में आयें और अपने हक़ के लिए आवाज उठाएं.


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