दमा दम मस्त कलंदर पर झुमें लोग। सरस आजीविका मेला 2021

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नोएडा हाट में 26 फरवरी से चल रहे सरस आजीविका मेंला जो कि 14 मार्च तक यानि आज आखिरी दिन है। आखिरी दिनों के पूर्व संध्या पर जहाँ एक तरफ लोगों ने जमकर खरीदारी किए वही दूसरी तरफ सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ उठाये। कल के कार्यक्रम में सुफी संगीत के जरिये कालाकारों नें समा बांधे जिसे खुब थिरके लोग।

नोएडा हाट में 26 फऱवरी से चल रहे सरस आजीविका मेला 2021 जो कि पहली बार नोएडा मे आयोजित किया गया है। इस मेंले में 300 स्टाल लगे है । इस बार के मेले में महिला उद्यमी और आत्मनिर्भर भारत की खास झलक देखने को मिला है। मेले में लगाए गए 300 स्टाल जिसका प्रतिनिधित्व महिला उद्यमी कर रही है। इन महिला का कहना है कि हम लोगों और भी महिलाओं कों प्रशिक्षित करेंगे तो कि वह महिलाएँ भी आत्मनिर्भर बने।

बिहार के विश्व प्रसिद्ध पेंटिंग मधुबनी के आत्मनिर्भर महिलाओं के द्वारा बनाए गये पेंटिंग को भी लोग खुब पसंद किया है। बिहार के पारंपरा व संस्कृति के झलक को दर्शाति है यह मधुबनी की पेंटिंग। पेंटिंग आर्टिस्ट व महिला उद्यमी रचना झा नें हमारे संवाददाता है विशेष आग्रह किया है कि उनके बातों को बिहार के महिलाओं तक पहुँचाया जाए जिससे बिहार भी आत्मनिर्भर बने। यह बात खासकर उन्होने अपने ससुराल वालों के लिए कही है। उनका ससूराल बिहार के मधुबनी स्टेशन से 10 किलोंमीटर की दूरी पर जितवार गाँव है। बताया जाता है कि यही से इस विश्व प्रसिद्ध पेंटिंग का जन्म हुआ था।

सरस मेंला में सुफी संगीत पर थिरके लोग

नोएडा हाट में चल रहे सरस आजीविका मेला में कल शनिवार को सुफी संगीत गायकों ने समा बांध दिया। दमा दम मस्त कलंदर और छाप तिलक सब छोड़ दी रे मो से नैना मिलाय के पर लोगों को थिरकने को मजबूर कर दिया। “पवन कला धाम ” के द्वारा प्रस्तुत “बसंत का रंग” जो कि क्लासिकल पोप तथा शास्त्रीय संगीत के मिलाजुल सांस्कृतिक कार्यक्रम था जिसे कालाकारों ने बखूबी पेश किया।

गुजराती जड़ी बटी पर फिदा हो रहे है लोग।

नोएडा हार्ट में गुजरात के किसानों के द्वारा आयुर्वेदिक जड़ी बूटी का स्टाल लगाया गया है। जिसमें मेंहदी से लेकर हेमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए स्वदेशी जड़ी बुटी है। किसानों का कहना है कि अब तक हम लोगों को सही दाम नही मिल पाता था लेकिन अब हम लोग उसे जड़ी बुटी बनाकर बेच रहे है और अच्छा दाम मिल जाता है। मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत का भी काफी फायदा हुआ है काफी महिला सखी जुड़ रही है। बस एक शिकायत है कि मेला की मार्केटिंग और प्रमोशन पहले से होना चाहिए था। क्योंकि हम लोगों को एक सप्ताह तक ग्राहक नही मिल पाया। जब मिला है तो मेला में समाप्ति होने जा रहा है।

मामा से खुश है मध्यप्रदेश के महिला उद्यमी

नोएडा हाट सरस आजीविका मेला आये मध्यप्रदेश के महिला उद्यमी मामा से बहुत खुश है। अब आप सोच रहेंगें ये मामा कौन है ? आपको बता दे कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को मध्यप्रदेश मामा के रूप मे जाने जाते है। क्योंकि उन्होने महिलाओं के लिए भाई बनकर बहुत ही काम किया है। अब महिला उद्यमी को आत्मनिर्भर बनाने पर लगे है। मुरैना से आये महिला व्यापारी ने कहा कि हम लोगों को सरस के माध्यम से नया प्लेटफार्म मिला है।

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