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आरटीआई से 🗣खुलासा: 31 फीसदी मेल, 🚂33 फीसदी पैसेंजर गाड़ियां रहीं 👊लेट!

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भारतीय रेल का मूलमंत्र ‘संरक्षा, सुरक्षा और समय पालन’ है, मगर समय पालन के मामले में हालत अच्छी नहीं है। बीते साल (2018-19) एक्सप्रेस-मेल गाड़ियों में से 31 फीसदी और पैसेंजर गाड़ियों में लगभग 33 प्रतिशत अपने तय समय पर नहीं चलीं। यह खुलासा एक आरटीआई आवेदन के जरिए हुआ है।

रेल मंत्रालय की तरफ से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, तीन सालों में बीते साल मेल-एक्सप्रेस व पैसेंजर गाड़ियां समय पालन के मामले में फिसड्डी रही हैं। वहीं इस साल अब तक की स्थिति में कुछ सुधार आया है।

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने भारतीय रेल के समय पालन के संदर्भ में रेल मंत्रालय से ब्योरा मांगा था। मंत्रालय की तरफ से उन्हें उपलब्ध कराए गए ब्योरे के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों की मेल-एक्सप्रेस, पैसेंजर, राजधानी, शताब्दी, गरीबरथ और सुविधा रेल में से कोई भी रेलगाड़ी ऐसी नहीं है, जो समय पालन के मामले में खरी उतरी हो।

रेल मंत्रालय की ओर से मिले जवाब के अनुसार, मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों में से वर्ष 2016-17 में 76।69 प्रतिशत, वर्ष 2017-18 में 71।39 प्रतिशत और वर्ष 2018-19 में 69.23 प्रतिशत ही समय पर चलीं। हालांकि इस साल कुछ सुधार नजर आ रहा है और सितंबर तक समय पालन का प्रतिशत 74.21 प्रतिशत है।

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