4 साल में ही जर्जर ।OMICRON-3, BHAIS-12 स्कीम के तहत लिया था मकान।

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नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण में भ्रष्ट्राचार कितना है यह बात तो किसी से छुपे नही है। माननीय सर्वोच्चय न्यायलय को कहना पड़ा प्राधिकरण तो भ्रष्ट्राचार में डुबी है और इसके चेहरे से ही नही बल्कि आंख, नाक और कान से भी भ्रष्ट्राचार टपकता है।

ग्रेटर नोएडा का मामला सामने है जहाँ पर 4 साल पहले ही OMICRON-3 में BHAIS-12 स्कीम के तहत लोगो नें मकान लिया था। लेकिन अभी 4 साल बाद ही पूरा मकान जर्जर हो चुका है। फ्लैट के निर्माण में इतना घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है कि 4 साल में ही वाइट वाश और प्लास्टर नीचे गिरने लगा है। प्लास्टर और प्लम्बिंग का काम भी बहुत घटिया तरीके से किया गया है।

दिल्ली एनसीआर में आये दिन मकान गिरने की घटना बढ़ती ही जा रही है। अब इस सरकारी यानि कि प्राधिकरण के द्वारा बनाये गए फ्लैट की हालत भी जर्जर होते जा रहे है। लोगों के भरोसा जितने के बजाय प्राधिकरण के अधिकारी तथा अफसर सिर्फ खानापूर्ति किया है। अब लगने लगा है कि फ्लैट खरीदारों नें जिंदगी के सबसे बड़े भूल किये है। जिसका सजा उसे दिया जा रहा है। प्राधिकरण पर विश्वास किया था लेकिन उसके बदले में धोखा मिला है।

निवासी आर एस श्रीवास्तव कहते है : महज कुछ सालों में ही बिल्डिंग की हालत जर्जर हालत में है जिससे बहुत निराशा होती है। ऐसा लगता है जैसे खरीदारों नें गलत फैसला लिया और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा बनाये फ्लैट को खरीदने का फैसला करके।। जिम्मेदार अधिकारी को संज्ञान में लेकर तुरंत इस पर कार्यवाही होनी चाहिए।

बलवंत सिंह लिखते है: BHAIS-12 स्कीम के तहत 2016 से फ्लैटों के पोजिशन देना शुरु किया। लेकिन अभी भी कामन एरिया जो कि ब्लाक 8 में है वाइट वाश और प्लास्टर नीचे गिर रहे है। प्लम्बर औऱ प्लास्टर का काम इतना घटिया किया गया है कि 4 साल में ही बिल्डिंग जर्जर हो चुका है। ग्रेटर नोएडा आर्थारिटी को इस पर तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए।

बृजेश गुप्ता लिखते है : श्रीमान जी बड़ी मेंहनत से घर खरीदा है सारी उम्र मेहनत कर-कर आज भवन की हालत देखकर बड़ी परेशानी होती है, जिसमें रहने से कभी भी ढह जाने की चिंता बनी रहती है और जान की भी। कृप्या एक बार भवन की हालत जरुर देखे।

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