ग्रेटर नोएडा वेस्ट ,जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नोएडा स्वास्थ्य विभाग से मांगी मदद, CMO के जवाब पर निवासियों में रोष –

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गौतमबुद्ध नगर में कोरोना संक्रमण के कारण हालत बेकाबू होती जा रही है। लोग बिना ऑक्सीजन और बिना बेड मिले सड़कों पर ही अपना दम तोड़ रहे हैं। हालत बद से बदतर होती जा रही है। कोई भी अस्पताल किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज को ठीक तरीके से ऑक्सीजन नहीं दे पा रहा है। अब जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गौतमबुद्ध नगर के स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी है।


उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करते हुए कहा है कि “उनके मामा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी में रहते है। उनके मामा कोरोना संक्रमित है। जिनको जल्द से जल्द इलाज और इंजेक्शन की काफी जरूरत है। उनकी लगातार हालत गंभीर होती जा रही है।” अमर अब्दुल्ला ने अपने मामा की जान बचाने के लिए गौतम बुद्ध नगर के सीएमओ से मदद की गुहार लगाई है।

उमर अब्दुल्ला के ट्वीट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनको जवाब देते हुए भी कहा है कि “उनके मामा की जल्द से जल्द मदद की जाएगी। CMO के द्वारा टीम भेज दी गई है।” अब इस मामले के बाद अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों में रोष व्याप्त हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के इस ट्वीट पर लोग CMO की टांग खींचने लगे हैं।

सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए है जनप्रतिनिधि और अधिकारी

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी विवेक रमन का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर के अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए ही हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले सैकड़ों लोग कोरोना संक्रमित हैं। वह लगातार स्थानीय सांसद, दादरी के विधायक, DM और CMO से मदद की गुहार लगा रहे हैं। लेकिन कोई भी ना तो जवाब देने को तैयार है और ना ही फोन उठाने को तैयार है। लेकिन अब जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वास्थ्य विभाग से मदद मांगी तो स्वास्थ्य विभाग ने बिना देरी करें मदद भेज दी है। इससे साफ नजर आ रहा है कि स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधि सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए हैं। शहर के निवासियों के लिए वह कुछ भी नहीं है। शहर की जनता मरे या जीये, इनको कोई फर्क नहीं पड़ता है।

अब कहां से आई स्वास्थ्य विभाग के पास टीम

नेफोवा के सदस्य मनीष का कहना है कि अब अमर अब्दुल्ला के लिए मेडिकल टीम और इंजेक्शन कहां से आ गया है। स्वास्थ्य विभाग इसकी जानकारी दें कि सिर्फ वीआईपी लोगों का ही उन्होंने ठेका ले रखा है। यह भी बताएं कि यह टीम के जाने से किसी स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल में कितने आम जनता को इलाज से मरहूम रखा गया। कोरोना टेस्टिंग कैंप के लिए आपके पास टीम नहीं है। कुछ तो शर्म करो।

नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान का कहना है कि पूरे जनपद में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन की वजह से मर रहे हैं। कई मरीजों ने सड़कों, एंबुलेंस का इंतजार और हॉस्पिटलों में बेड नहीं मिलने के कारण दम तोड़ दिया है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। सीएमओ साहब को कई बार फोन किया, लेकिन वो उठाने तो दूर मदद करने के लिए भी तैयार नहीं है। यह नोएडा शहर के काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि जिस शहर को योगी आदित्यनाथ आगे ले जाना चाहते है। उसी शहर के अधिकारी जिले को नष्ट करने पर तुले हुए हैं।

अनिता प्रजापति का कहना है कि वह खुद कोरोना वायरस की शिकार हो चुकी है। ऐसे में जब जिला प्रशासन शहर के लोगों को छोड़कर बाहरी और वीआईपी लोगों की मदद करने के लिए शहर के लोगों की तरफ ध्यान नहीं देता तो लोगों का मनोबल टूट जाता है। इस विपरीत समय में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जनता अकेले खड़ी है। जिनको वोट दिया है उनका पता नहीं, जो काम जनप्रतिनिधियों को करना चाहिए। वो काम पत्रकार कर रहे है। पत्रकार लोगों को बेड दिया रहें

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