एनटीआईपीआरआईटी ने इसरो और दूरसंचार उद्योग के सहयोग से ‘एनएवीआईसी- दूरसंचार उद्योग के लिए अवसर’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया

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भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान- राष्ट्रीय दूरसंचार नीति शोध, नवप्रवर्तन एवं प्रशिक्षण संस्थान  (एनटीआईपीआरआईटी) ने 28 अप्रैल, 2021 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और दूरसंचार उद्योग के सहयोग से “एनएवीएलसी- दूरसंचार उद्योग के लिए अवसर” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया। 

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 वेबिनार का उद्घाटन केंद्रीय दूरसंचार सचिव और डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी) अध्यक्ष श्री अंशु प्रकाश ने किया। उद्घाटन सत्र को श्री के राम चंद, सदस्य (प्रौद्योगिकी), डिजिटल संचार आयोग (डीसीसी), आर उमामहेश्वरन, वैज्ञानिक सचिव, इसरो, और श्री यू.के. श्रीवास्तव, सीनियर डीडीजी, एनटीआईपीआरआईटी द्वारा भी संबोधित किया गया।

श्री के राम चंद, सदस्य (प्रौद्योगिकी), डीसीसी ने अपने मुख्य भाषण में एनएवीआईसी प्रौद्योगिकी(भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) के महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कोविड-19 महामारी के संकट के बीच भी नवीनतम तकनीकों पर लगातार कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एनटीआईपीआरआईटी की प्रशंसा की।

इसरो के वैज्ञानिक सचिव श्री आर उमामहेश्वरन ने एनएवीआईसी प्रणाली के बारे में जानकारी दी और बताया कि इसकी सह-प्रणालियों की तुलना में इसमें अधिक सटीकता है। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में इस्तेमाल किए जाने वाले एल-5 बैंड के अलावा ए -1 बैंड पर भी एनएवीआईसी उपलब्ध कराने की योजना है। उनके अनुसार भारतीय बाजारों में अपनाने के लिए जारी किए गए मोबाइल फोन के लिए एनएवीआईसी प्रणाली को अनिवार्य किया जाना चाहिए।

श्री अंशु प्रकाश, केंद्रीय दूरसंचार सचिव और अध्यक्ष डीसीसी, ने औपचारिक रूप से वेबिनार का शुभारंभ करते हुए, अनुप्रयोगों के साथ प्रौद्योगिकी के एकीकरण के महत्व को रेखांकित किया ताकि प्रौद्योगिकी का लाभ पूरी तरह से प्राप्त किया जा सके। उन्होंने भारत में सभी मोबाइल फोनों के लिए एनएवीआईसी को अनिवार्य करने के लिए श्री आर उमामहेश्वरन के विचारों का समर्थन किया। श्री अंशु प्रकाश ने वर्तमान कोविड-19 महामारी में ऑक्सीजन टैंकरों और अन्य आवश्यक चीजों पर नज़र रखने में एनएवीआईसी की ट्रैकिंग क्षमता के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि वेबिनार का विषय सीधे तौर पर आत्मनिर्भर भारत की दूरदर्शिता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने एनटीआईपीआरआईटी को वर्तमान कठिन समय में इस होनहार स्वदेशी तकनीक पर एक वेबिनार आयोजित करने की पहल करने के लिए बधाई दी। उन्होंने दूरसंचार उद्योग के प्रयासों की भी सराहना की जिसमें चिपसेट और हैंडसेट निर्माता भी शामिल हैं, जिन्होंने एनएवीआई सेवा को अपनाने के अपने प्रयासों में योगदान दिया है।

एनएवीआईसी के बारे में-

एनएवीआईसी (भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) एक स्वायत्त क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है जिसे इसरो द्वारा स्थापित किया गया और इसका रखरखाव भी उसी द्वारा किया जाता है। यह समूचे भारत और 1500 किमी आगे तक के क्षेत्र (प्राथमिक कवरेज क्षेत्र) तक को कवर करता है। यह 20 मीटर (20) से बेहतर स्थिति सटीकता और 50 एनएस (20) से बेहतर समय सटीकता प्रदान करता है। वास्तविक माप क्रमशः 5 मीटर और 20 एनएस से बेहतर सटीकता प्रदर्शित करते हैं।

एनएवीआईसी आधारित अनुप्रयोगों का उपयोग विभिन्न नागरिक क्षेत्रों में किया जा रहा है, जिसमें परिवहन, मानचित्र अनुप्रयोग और टाइमकीपिंग शामिल हैं। आज क्वालकॉम, मीडियाटेक और ब्रॉडकॉम जैसे प्रमुख मोबाइल चिपसेट निर्माता पहले से ही विभिन्न चिपसेट प्लेटफार्मों पर एनएवीआईसी का समर्थन करते हैं। कुछ मोबाइल फोन ओईएम ने भी हैंडसेट जारी किए हैं जो ओवर द एयर फर्मवेयर अपडेट के माध्यम से एनएवीसी प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं। एनएवीसी सक्षम मोबाइल फोन के लिए कुछ उदाहरणों में शाउमी, के रेडमी नोट 9 सीरीज, रियलमी 6 सीरीज और वनप्लस नोर्ड आदि शामिल हैं।

एनएवीआईसी एक स्वदेशी पोजिशनिंग सिस्टम है जो पूरी तरह से भारतीय नियंत्रण में है। दी गई किसी भी स्थिति में सेवा के वापस लेने या अस्वीकृत होने का कोई जोखिम भी इसमें नहीं है।

एनटीआईपीआरआईटी के बारे में-

राष्ट्रीय दूरसंचार नीति शोध, नवप्रवर्तन एवं प्रशिक्षण संस्थान (एनटीआईपीआरआईटी) दूरसंचार विभाग का शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है। यह भारतीय दूरसंचार सेवा समूह- ए (आईटीएस ग्रुप ए) के प्रोबेशनरी अधिकारियों के लिए आरंभिक प्रशिक्षण के आयोजन में शामिल है। इन अधिकारी यूपीएससी द्वारा संचालित अखिल भारतीय आधारित इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के माध्यम से भर्ती होते हैं। इनके शुरुआती प्रशिक्षण के अलावा, एनटीआईपीआरआईटी भारत में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी प्रशासन के विभिन्न पहलुओं में भारत सरकार के अधिकारियों के लिए विभिन्न इन-सर्विस ट्रेनिंग, मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम, रीजनल और इंटरनेशनल ट्रेनिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप भी आयोजित करता है।

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