#notobacco day एक मजाक है ?

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आज नो TOBACCO DAY है और आज सरकार की तरफ से बड़ी बड़ी घोषणा और बड़ी बड़ी पोस्टर पंपलेट लगना स्वाभाविक बात है। स्वास्थ्य मंत्री इस मौके पर शपथ भी दिलाया जो कि हर साल की तरह एक प्रोटोकाल निर्धारित है। निश्चित ही स्वास्थ्य मंत्री भारत सरकार और राज्य के सभी जागरूक सरकार आज के दिन नो तंबाकु नो कहने के लिए हजारों करोड़ खर्च किये होंगे।।इसके अलावा भारत के जिम्मेदार नेता अपना ज्ञान भी अवश्य दिये होंगे।

अब ये ज्ञान सिर्फ आज ही तक के लिए है या फिर हमेशा के लिए यह बात किसी मंत्री में साफ नही किया है। लेकिन एक सवाल जो हर बार पीछे छूट जाता है कि क्या तंबाकू दिवस सिर्फ एक दिन छोड़ने के लिए होता है या फिर हमेशा के लिए। दूसरा सवाल आखिर क्यों सरकारों को करोड़ो रूपये लगाकर बैनर और होर्डिंग लगाने की जरूरत पड़ती है।

हर साल 13 लाख लोगों के मौत के जिम्मेदार कौन है ? क्या सरकार इसकी जिम्मेदारी नही ले सकती है और इन तंबाकू उद्योग को बंद करवा दे ऐसा नही हो सकता है? हर साल तंबाकू से होने वाले कैंसर और उसके ईलाज पर 1.77 लाख करोड़ खर्च करती है जो कि हमारे जीडीपी का 1% है। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि इससे सरकार को कितना लाभ है, और राजनीतिक पार्टियों को क्या लाभ है ? क्या ऐसी उद्योगों को बंद किया जा सकता है या फिर राम भरोसे, जिस ज्ञान पर आधारित सारा कार्यक्रम है। सरकार का विभाग बीड़ी-सिगरेट बनाने का लाइसेंस देता है, दूसरा विभाग अप्रत्यक्ष रूप से बीड़ी सिगरेट का प्रचार-प्रसार करता है, तीसरा विभाग बीड़ी सिगरेट को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताता है और संविधान भारत को नशा मुक्त और शराब मुक्त बनाने का निर्देश देता है। अब तो आप समझ ही सकते है कि दोष नशीला पदार्थ में है या सरकार में।

भारत में तंबाकू के मार्केट हर साल 6.3 % के हिसाब से ग्रोथ कर रहा है। भारत दुनिया के सबसे बड़ा एक्सपोर्टर में से एक है। इस समय भारत का स्थान तीसरा है जो सबसे ज्यादा तंबाकू का बिजनस करता है। सरकार यह जानते हुए कि कोविड के समय में 40-60 प्रतिशत जोखिम बढ़ जाता है। क्या हम तंबाकू से मुक्त हो सकते है या फिर साल दर साल ऐसे ही 6.3 % के हिसाब से तंबाकू का सेल बढते रहेंगे। आज भारत के स्वास्थ्य मंत्री नें जो कहा वह भी हमे देखना चाहिए ।

#NoTobaccoDay पर अपने सचिवालय के सहयोगियों को तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने की शपथ दिलाने के बाद मैंने उन्हें संबोधित करते हुए बताया कि तंबाकू या धूम्रपान करने वालों में #COVID19 से होने वाला जोख़िम 40 से 50 फ़ीसदी अधिक बढ़ जाता है।

तंबाकू मुक्त समाज के लिए काम करना मेरा सौभाग्य भी है और मेरे लिए भगवान का आशीर्वाद भी। ENT Surgeon के रूप में मैंने कई दशक तक तंबाकू का सेवन करने वाले उन मरीज़ों को देखा है,जो कैंसर और दूसरी घातक बीमारियों के शिकार हुए।

#NoTobaccoDay के अवसर पर आज मैंने अपने सचिवालय के सभी सहयोगियों को तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करने एवं अपने परिजनों/परिचितों को भी इसका सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।

आज मुझे इस बात की खुशी है कि इस वर्ष @WHO ने तंबाकू के खिलाफ़ भारत सरकार के उल्लेखनीय प्रयासों को देखते हुए इस संदर्भ में सर्वोच्च सम्मान देने का फ़ैसला किया है। यह सब वास्तव में PM श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन व @MoHFW_INDIA के सभी सहयोगियों के कारण संभव हो पाया है।

एक अनुमान के अनुसार भारत में हर साल करीब 13 लाख मौतें तंबाकू और धूम्रपान के कारण होती हैं। यह आंकड़ा कोई छोटा नहीं है। इनसे होने वाली बीमारियों के इलाज़ पर हर साल 1.77 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है, जो #GDP का 1% है।

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