नोएडा:आम्रपाली पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, रजिस्ट्री का रास्ता खुला

Spread the love

नोएडा आम्रपाली मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर की जमीन की लीज डीड रद्द करने का आदेश दिया। अथॉरिटी को इस फैसले से नुकसान हुआ, लेकिन बायर्स के लिए खुशखबरी है। एक तरफ अधूरे प्रॉजेक्ट को पूरा करने की राह दिखी है, वहीं दूसरी तरफ पूरे हो चुके प्रॉजेक्ट की रजिस्ट्री का रास्ता खुला है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सीसी (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) दिया जाए। इससे फ्लैट में रहने वाले रजिस्ट्री करा सकेंगे।

अधूरे प्रॉजेक्ट को एनबीसीसी (नैशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) केवल एक कंस्ट्रक्शन कंपनी की तरह पूरा करेगा। बिल्डर की भूमिका में सुप्रीम कोर्ट रहेगा। फंड कहां से आएगा, यह अभी पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। बायर्स से बकाया लेकर प्रॉजेक्ट पूरे कराने की बात कही गई है, लेकिन यह काफी कम है। नोएडा के 7 प्रॉजेक्ट पूरे करने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। वहीं ग्रेटर नोएडा के 5 अधूरे प्रॉजेक्ट पूरे कराने के लिए करीब 7187 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

नोएडा में आम्रपाली के 7 अधूरे प्रॉजेक्ट हैं। ग्रेनो में इनकी संख्या 5 है। नोएडा में 10 हजार बायर्स हैं, जबकि ग्रेनो में 32 हजार बायर्स प्रभावित हैं। सीसी नहीं होने से इनके फ्लैट्स की रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। एक्सपर्ट के अनुसार लीज डीड रद्द होने से अथॉरिटी की तरफ से सीसी मिलने की अड़चन दूर हो जाएगी। इसके बाद रजिस्ट्री से भी ब्रेक हटेगा। इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कोर्ट ने एक वरिष्ठ वकील आर वेंकट रमणी को जिम्मेदारी दी है।

%d bloggers like this: