नोएडा सेक्टर 59 वेंडिंग जोन 13: रद्द वेंडिंग जोन को लेकर वेंडर का राजीनामा।

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नोएडा सेक्टर 59 वेंडिंग जोन 13 एक बार फिर से विवाद में है। अब नया विवाद नये वेंडिंग जोन को लेकर नही है बल्कि इसलिए है कि कैंसिल वेंडिंग में ही बने रहने के लिए आपसी समझौता किया गया है और उसके लिए एक पत्र प्राधिकरण को लिखा गया है। जिसमें राजीनामा हस्ताक्षर शामिल है।

बता दे कि नोएडा सेक्टर 59 वेंडिग जोन लगातार अखबार , सोशल मिडिया तथा इलेक्ट्रानिक मिडिया के सुर्खियों में बना रहता है और पूरे प्रदेश में इसके चर्चे है। इसके बाद भी प्राधिकरण के लोग यहाँ पर बने अवैध वेंडिंग जोन को हटाने में नाकाम रहा है। लाॅक डाउन में लगातार 24 X7 चलने वाली यह वेंडिंग जोन आजकल एक बार फिर से चर्चा में है और चर्चा के कारण है:

असल में आरोप ये है कि इस वेंडिंग जोन में एक ही परिवार और उनके जानकारों को 11 वेंडिंग जोन दे दिया गया है। जिसमें से 7 वेंडिंग जोन 2019 में प्राधिकरण के सीओ रितु महेश्वरी ने रद्द कर दिया लेकिन दुकान लग रहा। एक और बड़ा आरोप है कि यहाँ पर जिन 11 लोगों के नाम से वेंडिंग जोन में दुकान आवंटित किया गया है उनमें से कोई भी रेहड़ी पटरी का काम नही करता है। पिछली बार हुए सर्वे में सिर्फ 2 वेंडर दुकान पर पाया गया था। लेकिन प्राधिकरण का मेहरबानी बरकरार रहा है।

इसे विवाद कहे या समझौता : अब जबकि प्राधिकरण के द्वारा यहाँ से वेंडिंग जोन कैंसिंल करके के दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है, तो शिकायत करने वाले शिवम पोरवाल से मिलकर सरोज गुप्ता ने प्राधिकरण को एक सहमति पत्र सौपा है। सरोज गुप्ता जो कि अकेले 11 दुकान के मालिक बताया जाता है। जिसमें से 7 दुकान कैंसिल है। शायद शिकायत करने वाले शिवम पोरवाल को भी लगने लगा है कि अगर दुकान यहाँ से हटा दिया गया तो नुकसान हो सकता है या फिर उसको डराया धमकाया गया हो कुछ भी संभव है। प्राधिकरण को लिखे पत्र मे लिखा गया है कि शिकायतों के कारण हम लोगों का बहुत नुकसान हुआ है और अब हम लोग समझौता कर रहे है आगे से कोई शिकायत मिलेगा तो कानूनी कारवाई करने के लिए प्राधिकरण स्वतंत्र है।

अब सवाल उठता है कि प्राधिकरण के जमीन पर जो कि अस्थायी वेंडिंग जोन था और उसे प्राधिकरण नें दूसरे जगह पर शिफ्ट कर दिया है। प्राधिकरण के पास अधिकार होता है कि शहर वासियों के सुरक्षा और सुविधा के अनुसार अस्थायी किसी भी प्रकार के जोन को कभी भी शिफ्ट कर कर सकता है। लेकिन यहाँ तो सरकारी सड़क पर लगे दुकान को न हटाने के लिए सहमति पत्र सौपा गया है। जबकि एक बार इसी वेंडिंग जोन से यह भी शिकायत मिला था कि रात के समय में अराजक तत्व का अड्डा बन जाता है एक बार पुलिस वालों के हथियार भी छिन लिये गये थे। हो सकता है कि प्राधिकरण सुरक्षा के मध्यनजर भी शिफ्ट करने का फैसला लिया हो।

अब प्राधिकरण के विवेक और उनके कानूनी और निष्ठा पर निर्भर है कि इस मामले को किस प्रकार से निपटाते है। उन पर कारवाई करते है या फिर जैसा आज तक चलता रहा है ।

लेकिन रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन के महासचिव श्याम किशोर गुप्ता नें धमकी दिया है कि अगर इन माफिया पर कारवाई नही किया गया तो मै लखनऊ मुख्यमंत्री भवन के सामने अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठूंगा। उन्होंने प्राधिकरण से मांग की है इनसे दुकान लेकर उन गरीब वेंडर को दिया जाय जो इस काम से जुड़ा है और गरीब है।

लेकिन ऐसा पहली बार नही हो रहा है इससे पहले भी नोएडा सेक्टर 99 फ्लैट में किए गये अतिक्रमण को लेकर शिकायत करने वाला को धमकाया गया और समझौता करवाया गया है। जबकि माननीय न्यायालय नें अपने आदेश में कहा है कि प्राधिकरण अपने कानून के हिसाब से एक्शन ले।

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