बेरोजगारी बढ़ा दी मोदी सरकार, पेट्रोल भी 100 के पार

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हैलों दोस्तों नमस्कार

मै हूँ आपका दोस्त रमन कुमार, आज हम आपको बताने जा रहे है , आखिर मोदी सरकार ने कैसे देखते देखते ही बेरोजगारी बढ़ा दी है। अब तो मौलाना ने मस्जिद से कह दिया है आर एस एस मोदी सरकार को हटाना है किसान आंदोलन तो बहाना है।

चलिए बात करते है मोदी सरकार ने कैसे बढ़ा दी है बेरोजगारी ?

मोदी सरकार ने बेरोजगारी बढा दी है. यह बात अगर वामपंथी, टुकड़े-टुकड़े गैंग, कांग्रेस, समाजवादी, परिवारवादी, बहूजन समाज, आम आदमी अगर कह रहे है तो बिल्कुछ सत्य है। मै इसे सत्य क्यों कह रहा हूँ वो भी मै आपकों बताने जा रहा हूँ।

मोदी सरकार ने पहले नोटबंदी किया। लोगों के घर के पैसे निकलवा लिए। नोट बंदी के दौरान भी घोटाला किया तो फिर जीएसटी लगा दिया। जीएसटी लगते ही सारे नकली कारोबार बंद हो गया। नोटबंदी के दौरान जिसके पास ईमानदारी के पैसा निकला उसने तो बदलवा लिया। लेकिन जिसने रिश्वतखोरी, दलाली , देशद्रोह करके बड़े मेहनत से पैसे जमा किया था उसके पैसे में तो दीमक लगवा दिया।

मोदी जी को ऐसे लोगों के दर्द को भी समझना चाहिए। जिसके हराम के धन आपने बर्बाद कर दिया , या जिनके धन बर्बाद हो गये उनके मानसिक हालत तो खराब हो ही जाते है। फिर ऐसे लोगों के लिए क्या देशभक्ति और क्या गद्दारी। आप तो समझ सकते है मोदी जी। इसिलिए तो आपने कहा था ये लोग आपको जिंदा नही छोड़ेंगे।

इसके बाद आपने जीएसटी लगाकर कालाबाजारी करने वालों के कारोबार बंद कर दिया। जिसका काम था एक कंपनी से दूसरे कंपनी में पैसे को ट्रांसफर करना। सरकार को करोड़ों अरबो के चुना लगाना उसकों तो आपने बर्बाद कर दिया। इन लोगों ने ऐसे फर्जी कंपनी बनाए थे जैसे कागज में ताजमहल बनाते बच्चे।

जीएसटी एक ऐसा सिस्टम साबित हो रहा है कि कोई कही-से-कही तक नही बच सकता है बशर्ते सरकारी तंत्र अगर ईमानदारी से काम करे और उनके नियत राष्ट्र और जनता के प्रति साफ हो। हम सभी जानते है कि इस संसार में कोई भी कुछ नही बना सकता है। सिर्फ अनाज उत्पाद के अलावा सभी चीजों को सिर्फ कन्वर्ट किया जाता है। जैसे गेंहू से आटा और आटा से ब्रेड या रोटी। इसलिए कितना माल खरीदा है और कितना बेचा है यह सब आसानी से पता लगाया जा सकते है।

तीसरा सबसे महत्वपूर्ण ; मोदी जी ने सभी चीजों को डिजिटाईजेशन करने में लगे है और कुछ चीजों को प्राईवेटाईजेशन भी। जब खाता बही से काम चलता था तो सरकार 1 रुपये भेजती थी तो लाभार्थी तक सिर्फ 10 पैसे पहुँचते थे। जैसा कि भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी नें संसद मे कहा था। लेकिन 1 रूपये मे से पूरा 1 रूपये लाभार्थी तक पहुँचेगा ऐसा किसी ने सोचा भी नही था। लेकिन डिजिटाईजेशन करके आपने पूरा 1 रूपया लाभार्थी के अकाउण्ट में पहुँचा दिया।

अब अंदाजा लगाईये जो लोग दलाली के 90 पैसे आपस बांटते थे आपने उसको बेरोजगार किया की नही। वो सब बेरोजगार हो गये । आखिर मोदी जी आपने ऐसा क्या किया एक को खुश करने के चक्कर में 9 को नाराज क्यों कर दिया।

धन्य हो हमारे पूर्व प्रधानमंत्री और उनके द्वारा मंगाए गये कम्प्यूटर के इस्तेमाल से राजीव गांधी के पार्टी कांग्रेस को ही बर्बाद कर दिया। मै यहाँ वामपंथी और लिवरल की नही करूंगा। क्योंकि इनका तो काम ही शुरु से ही भारत को बर्बाद करने का रहा है। कंपनी में युनियन बाजी कराके पहले कंपनी बंद करवाना और बंद होने के बाद बेरोजगारी -बेरोजगारी करना इनका खानदानी पेशा है।

मै गलत कह रहा हूँ तो देख लिजिए कलकता को। यह तो सबसे बड़ा उदाहरण है। कलकता आजादी के समय में दुनिया के आर्थिक राजधानी माना जाता था। पूरे दुनिया में 27 % व्यापार सिर्फ कलकता के बंदरगाहों से होता था। लेकिन वामपंथी और लिवरल गैंग की ऐसी नजर लगी की बंगाल कंगाल हो गया। बंगाल के राजधानी कलकता को गर्त में झोंक दिया कम्यूनिष्टों ने।

लेकिन मोदी सरकार ने तो अब इन लिवरल गैंग के सामने भी समस्या के अंबार लगा दिया है। इनको भारत में उद्योग बंद करवाने के लिए कहाँ कहाँ से फंड मिलते है उनका सारा चिट्ठा अब सरकार के पास है। उनको सरकार लगातार बेरोजगार करने में लगी है।

मोदी जी यह तो बहुत गलत बात है, आप किसी के प्राईवेसी पर नजर नही रख सकते भले ही वो देश द्रोही और टुकड़े-टुकड़े गैंग क्यो न हो। अब ये लोग चंदा नही ले सकते समझो अब ये लोग भी बेरोजगारी के कगार पर खड़े है।

भारत में कई प्रकार के माफिया , जिसे उड़िया माफिया, खनन माफिया, भूमि माफिया, रेहड़ी पटरी माफिया, ड्रग्स माफिया, पर मोदी सरकार ने एक्शन ले लिया और अब इनको भी बेरोजगार कर दिया। ये बात और है कि कुछ माफिया बीजेपी में शरण लिया है और कुछ पहले से भी बीजेपी मे है। जिसको बेरोजगार करने के बारे में बीजेपी सोच भी नही रही है। राजनीतिक का यही तो कमाल है।

नोएडा ग्रेटर नोएडा में हुए भूमि घोटाला उसका एक उदाहरण है। जिसमें जांच पर जांच तो किया जा रहा है लेकिन किसी को भी बेरोजगार नही किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है यह घोटाला लगभग 40 हजार करोड़ की है। जमीन में बदलाव किया गया औद्योंगिक भूमि को आवासीय बनाकर औने-पौने भाव में बेच दिया गया। बिल्डर ने मलाई खाली और घर खरीदार को खाली वर्तन पकड़ा दिया।

उत्तर प्रदेश में विपक्ष भी शायद इसिलिए खामोश है। योगी सरकार है न जाने कब उनका मुड घुम जाये और संपति पर बुल्डोजर चलवा दे। क्योंकि यह सारा घोटाल पूर्वती सरकार में हुआ है।

मोदी जी अब तो हमने इतने सारे उदाहरण दे दिया है। राहुल गांधी के शंभू बार्डर पर बड़े-बड़े किसान बैठे है। उसके साथ नेता भी बैठे है । संभवत: यह सब बेरोजगारी के कारण ही संभव है कि धरना स्थल पर इतनी आरामदायक व्यवस्था किया गया है। कुछ लोगों का कहना है किये ये लोग उन लोगों में से है जो 1 रूपये में से 90 पैसे आपस में बांट लेते थे। लेकिन अब क्या करे अब तो सीधे 1 रूपया सीधे अकाउण्ट में जा रहा है।

बढ़ा दिया न बेरोजगारी, 90 पैसे को बांटने में भी समय लगता है। मेहनत लगते है और पकड़े गए तो डंडे भी पड़ते है। मोदी जी नें इन सबको बेरोजगार बना दिया है। कितनी बढ़ा दी है बेरोजगारी। तभी तो राहुल जी कह रहे थे ये चिल्ल दिल्ली के बार्डर पर क्यों उड़ रहे है। मोदी जी को पून: विचार करना चाहिए और नोटबंदी वाले पूराने नोट राहुल गांधी के घर भिजवा देना चाहिए ताकि गिनती करते रहे।

ये तो था आज के बेरोजगारी विश्लेषण। कल फिर मिलूंगा एक नये विडियों के साथ तब तक के लिए हमे दीजिए इजाजत

जय हिंद जय भारत।

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