मनोहर पर्रिकर: मेहनत, ईमानदारी और जनता के विश्वास का नाम था ।

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मेरे दिल में मनोहर पर्रिकर जी के लिए बहुत सम्मान है, इसलिए नहीं कि वह गोवा के सीएम और देश के पूर्व रक्षा मंत्री थे, बल्कि इसलिए क्योंकि वह बेहद ईमानदार, मेहनती और लोगों के नेता थे उनके जैसा उच्च विचार और जीवन शैली होना बहुत मुश्किल है। गोवा में सब उन्हें प्यार करते हैं। उन्हें पता था कि वह जिंदगी की जंग हार चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका जोश बरकरार था। आखिरी वक्त में भी पर्रिकर बिल्कुल तरोताजा दिख रहे थे। उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता था कि उन्हें कैंसर है या यूं कहें कि वह बीमार हैं।

पर्रिकर जी साहस के साथ प्रतिकूल परिस्थितियों का जैसे सामना करते थे वह अविश्वसनीय है। अनचाहे परिणामों का सामना करते हुए भी वह मुस्कुराते थे। उन्होंने कभी भी कोई नाराजगी या किसी भी तरह के दर्द का इजहार नहीं किया। कई मरीज बीमार होने पर ईश्वर को कोसते हैं मैं ही क्यों? ईश्वर मेरे लिए इतना निर्दयी क्यों हुआ? वहीं दूसरी तरफ पर्रिकर इस निराशा को नजरअंदाज करते और कहते कि मैं कभी हार नहीं मानूंगा। अंतिम दिन तक मैं लोगों के लिए काम करता रहूंगा l

जीवन के अंतिम पड़ाव में भी वह लोगों के लिए काम करते रहे जिसका उदाहरण उन्होंने सदन में बजट पेश करके दिया l काम के प्रति इतनी श्रद्धा और समर्पण आज के राजनीतिक दौर में देखना मुश्किल है l सादगी के प्रतीक थे मनोहर परिकर जी l
मनोहर पर्रिकर जी इतिहास में अपनी छाप छोड़ कर गए। वो साधारण तरीके से रहते थे,काम करने में यकीन रखते थे, वो बहुत ही सरल इंसान थे। गोवा के मुख्यमंत्री 63 साल के सीएम पिछले करीब एक साल से कैंसर से जूझ रहे थे। मनोहर परिकर जी के देहावसान के बाद भारतीय राजनीति को एक अपूरणीय क्षति हुई है हृदय से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए प्रणाम करता हूं कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे l

जय श्री राधे कृष्णा

Sunil raj jha

वत्तन की आवाज़