पंजाब में तेजी से ईसाईकरण, सनातन के लिए लिए चिंता या चिंतन का विषय है ?

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एक ऐसा ढोंग जो ढोंगी लोगों के बीच किया जा रहा है, और इसी ढोंग में फंसाकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

अगर यही बात एक हिंदू और सनातनी करे , तो उसे ढोंगी फरेबी, पिछड़ा और अंधविश्वासी कहा जाता है।

लेकिन वही ढोंग जब एक क्रिश्चन पादरी करें तो उसे विज्ञान और बदलते जमाना का चमत्कार मान लिया जाता है।

मामला पंजाब की है , जहाँ पर आजकल ईसाई मिशनरी यह चमत्कार दिखाकर लोगों को तेजी से क्रिश्चिन बनाने में लगा है।

सवाल ये है कि आखिर बन कौन रहा है ?

तो मै आपको बता दूं कि एक भी मुसलमान धर्म परिवर्तन करके ईसाई नही बन रहा है। ईसाई बनने वाले ज्यादातर हिंदू सिखा के लोग है।

जो अपने आपको विकसित प्रदेश माना जाता है वहाँ के हिंदू और सिखों की यह हालत है।

किसी भी मिशनरी की हिम्मत नहीं है कि वो किसी भी मुस्लिम बस्ती में जाकर ईसाइयत का प्रचार करे, जबकि भारत या दुनिया के ज्यादातर देश में मुस्लिम सबसे पिछड़ा है। इसके बावजूद उल्टे मुस्लिम ईसाईयों के देश पर कब्जा कर रहा है।

हालांकि आज देश के बस्तर जिले से कुछ अच्छे खबर भी मिले है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यहाँ पर आज हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन का जोर-दार विरोध प्रदर्शन किया है, और ईसाई मिशनरियों को इस इलाके से भगाने का अभियान भी छेड़ा है।

सवाल उठता है कि आखिर ये धर्म परिवर्तन हो क्यो रहा है ?

हिंदुओं और सनातन धर्म के लोगों को हो क्या गया है, जबकि सनातन ही मात्र एक धर्म है, जो किसी व्यवक्ति विशेष के विचार से नही अपितु चार वेद 18 पुराण और 6 दर्शन के माध्यम से सुसज्जित है।

फिर भी 5 किलों चावल के लिए कौन है जो धर्म परिवर्तन कर रहा है, आखिर क्यों ये लोग सनातन धर्म को छोड़कर ईसाई और मुस्लिम धर्म अपना रहे है ?

क्या धर्म गुरुओं को इस पर चिंतन करने की जरूरत नहीं है ? आखिर क्यों धर्म गुरु इस पर चिंता या चिंतन नही करते है ?

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