‘परीक्षा पे चर्चा’ में छात्रों से कहा-पीएम मोदी ने जो काम कठिन, उसे पहले करें

Spread the love

PM मोदी का ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम शुरू हो गया है. पीएम मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम शुरू हो गया है. पीएम मोदी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आज के अभिभावकों के पास समय नहीं है. इसीलिए वह बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं. और वह बच्चे में पढ़ाई के सुधार के लिए सिर्फ रिज़ल्ट का इंतज़ार करते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे कठिन सब्जेक्ट या कठिन सवालों को पहले करें तो ज्यादा बेहतर होगा. आप उस समय एकदम फ्रेश होते हैं ज्यादा दिमाग लगा पाएंगे. जो सवाल आप आसानी से कर सकते हैं वो बाद में करें. पीएम ने शिक्षकों के लिए कहा कि छात्रों से वह सब्जेक्ट से हटकर भी रूबरू हों. छात्रों से विषय से हटकर भी बातें करें.

पीएम मोदी ने कहा कि अगर छात्र के पास समय खाली है तो उसे खाली न समझें. खाली समय में वो करें, जिसमें आप को ख़ुशी मिलती है. जैसे मैं खाली समय में झूले पर बैठना पसंद करता हूं, तो मेरा मन खुश हो जाता है. खाली में समय में किन चीज़ों से बचना चाहिए, ये भी ध्यान दें. अन्यथा आप थकान महसूस करेंगे. खाली समय में जिज्ञासा बढ़ायें. जैसे अगर माँ खाली बना रही हैं तो उसे अच्छे से देखें ये काम आएगा.

पीएम मोदी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सवालों के जवाब दे रहे हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से पीएम मोदी से सवाल पूछे जा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को सामाजिकता सिखाएं. एक महिला ने पूछा कि बच्चों से काम कराने के लिए पीछे भागना पड़ता है. क्या किया जाए कि बच्चे खुद काम करें. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि बुरा न मानें तो मैं कहूँगा कि बच्चों के पीछे इसलिए भागना पड़ता है क्योंकि बच्चों की रफ़्तार हमसे आगे होती है. माता पिता अपने लक्ष्यों का बोझ अपने बच्चों पर डाल देते हैं. बच्चों को मशीन मान लेते हैं. फिर जब बच्चे विफल हो जाते हैं तो माता पिता इसका दोष बच्चों को देते हैं. जबकि ऐसा नहीं होता चाहिए.

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. ‘परीक्षा पे चर्चा’ (ParikshaPeCharcha2021) कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं.

%d bloggers like this: