नोएडा प्राधिकरण में दाल में काला नही बल्कि पूरी दाल ही काली है।

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नोएडा सेक्टर 93ए सुपरटेक एमराल्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला का स्वागत। उत्तर प्रदेश सरकार नें बनाई जांच कमेटी। जल्द से जल्द जांच पूरी कर दोषी को सजा देने की मांग। जनपद के तीनों प्राधिकरण में 30 लाख करोड़ से ज्यादा की घोटाले का आरोप। अब नया मामला स्पोर्टस सिटी को लेकर भी सामने आ रहा है।

मौलिक भारत संस्था सुपरटेक मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करती है और अनुरोध करती है। संस्था द्वारा भेजे गए विभिन्न शिकायत पत्रों का भी संज्ञान लेकर उन पर भी कार्यवाही करे। जैसा क़ि मौलिक भारत का दावा रहा है क़ि नोयडा प्राधिकरण की दाल में काला नहीं है बल्कि पूरी दाल ही काली है। हाल ही मैं संस्था ने इस संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भी लिखा था। जिसकी प्रति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यन्यायधीश, सीएजी व शहरी विकास मंत्री की भी भेजी गयी थी।इस प्राधिकरण के चपरासी से लेकर सीईओ और चेयरमेन तक, मंत्री से लेकर संतरी तक सब लूट और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं।

सब जानते हैं कि मायराज में भैय्या की और अखिलेश राज में प्रोफ़ेसर साहब को पंचम तल से आशीर्वाद था और उनके इशारे पर ही प्रत्येक डील चाहे भूमि आवंटन हो, ठेका हो, नियमों में छेड़छाड़ हो, अवैध क़ब्ज़े दिए जाने हो या भुगतान किए जाते थे। यही खेल ग्रेटर नोयडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरणों में भी चलता रहा है। मौलिक भारत का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि यूपी सरकार द्वारा उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सभी मामलों की जाँच के लिए एसआईटी बनाने से ही मामला सुलझेगा क्योंकि सारे घोटाले कम से कम बीस लाख करोड़ रुपयों से ज़्यादा के हैं। जब तक सभी घोटालों की जाँच कर दोषियों को सजा नहीं मिलती, संस्था चैन से नहीं बैठेगी।

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