पिछले 5 सालों में 7,248 छात्रों ने छोड़ी आईआईटी (IIT) की पढ़ाई

Spread the love

कुछ महीने पहले, IIT काउंसिल ने एक्जिट प्रपोजल ऑप्शन पर फैसला लेने के लिए इसे अलग-अलग संस्थानों पर छोड़ दिया था.
आईआईटी (Indian Institutes of Technology) में पिछले 5 सालों में 7,248 छात्रों ने अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ी है. हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) ने लोकसभा में इस चौंका देने वाले IIT ड्रॉपआउट करने वाले छात्रों का यह आंकड़ा पेश किया है. आईआईटी छोड़ने वाले अधिकतर छात्रों की संख्या बीटेक (BTech) वालों की है.

खास बात यह है कि आईआईटी और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institutes of Information Technology) जैसे शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रों को बाहर निकलने के विकल्प भी मिल रहे हैं.

बाहर निकलने का विकल्प छात्रों को दूसरे सेमेस्टर के बाद दिया जाता है, जिसके बाद छात्र को बीटेक से बीएससी करने की अनुमति दी जाती है. हालांकि, अभी तक इस संबंध में ईआईआईटी से किसी तरह का डेटा उपलब्ध नहीं हुआ है. सूत्रों ने कहा कि आईआईटी के विपरीत, कुछ आईआईआईटी (Indian Institutes of Information Technology) संस्थान शैक्षणिक दबावों से जूझ रहे छात्रों को बाहर निकलने का विकल्प प्रदान करने के विचार का विरोध कर रहे हैं.

कुछ महीने पहले, IIT काउंसिल ने एक्जिट प्रपोजल ऑप्शन पर फैसला लेने के लिए इसे अलग-अलग संस्थानों पर छोड़ दिया था. इसके बाद, MHRD ने 16 अक्टूबर को अपने समन्वय मंच की बैठक में कार्यक्रम के कार्यान्वयन के तौर तरीकों पर निर्णय लेने के लिए IIITs के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को अधिकृत करने वाले एक प्रस्ताव को मंजूरी दी. आपको बता दें कि देश में 24 आईआईआईटी हैं, उनमें से 19 सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर आधारित हैं.

%d bloggers like this: