नोएडा में 5 अगस्त से हटाये जायेंगे अवैध रेहड़ी पटरी वाले

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एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक 5 अगस्त से नोएडा में अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जायेगा। जिसमें अवैध तरीके से दुकान लगा रहे रेहड़ी पटरी वालों को हटाया जायेगा। प्राधिकरण का कहना है कि कुछ लोगों को वेंडिंग जोन दिया गया है लेकिन वेंडिंग जोन में नही जा रहे है ऐसे वेंडर के खिलाफ भी कारवाई किया जायेगा। इसके अलावा उन वेंडरों पर भी प्राधिकरण सख्ती दिखा सकती है जो कि रजिस्टर्ड नही है। शहर में जगह जगह पर वेंडरों का अवैध कब्जा है।

प्राधिकरण के ढुलमुल रवैया और शहर में वेंडर वेंडरोंं का जनसंख्या विस्फोट निश्चित तौर पर प्राधिकरण और उस में विराजे अफसरों सर्किल आफिसरों तथा अभियंताओं के लिए एक बड़ा परेशानी का शबब बना हुआ है। प्राधिकरण जितना सोच पाती है उससे कई गुणा ज्यादा वेंडर बढ़ जाते है। इस समय में भी अगर ठीक से गणना किया जाये तो 20 हजार से ज्यादा वेंडर शहर में मौजूद है, बैठक बाजार को छोड़कर। नोएडा सोमबाजार की बात अगर करें तो यही कम से कम 500 से ज्यादा वेंडर जो कि सब्जी बिक्रेता, कपड़ा बिक्रेता और दूसरे जरूरी सामानों के दुकान लगाते है। लेकिन प्राधिकरण ने पूरे सोमबाजार में सिर्फ 50 वेंडरों के लिए व्यवस्था किया है। लाखों रुपये के खर्चे से बने वेंडिग जोन में आजकल बस धुलाई की काम चल रहे है, जो जगह खाली बचे है उसमें कुछ नये वेंडर आकर बैठ जाते है। पूराने वेंडर वहाँ जाने के तैयार नही है क्योंकि जब पूराने जगह पर भी दुकान लग रही है तो भला नये जगह पर क्यो जायेगा कोई।

अब सवाल उठता है कि नोएडा प्राधिकरण अवैध वेंडर किसे मानती है। उस पटरी दुकानदार को जिसने फार्म जमा किया लेकिन उसका फार्म कही खो गया। या उस दुकानदार को राजनीतिक और पुलिस के मिलीभगत से शहर के सबसे अच्छे लोकेशन में दुकान लगा रहे है । या फिर सड़क के किनारे धरा-धर खुल रहे नारियल के दुकान की जो दुकान के साथ-साथ वही पर रहने और खाने का व्यवस्था भी वही पर है। सड़क किनारे से गुजरेंगे तो बखूबी यह नजारा आपकों दिख जायेंगे। नारियल के दुकान पर कभी भी आपको एक ही आदमी नही मिलेंगे। क्योंकि यह लोग दूसरे पेशे खासकर ड्राइवरी करते है। इसलिए रहने के लिए नारियल के दुकान खोले गए है। कितना बिकता है और कितना नही इससे भी इनको कोई फर्क नही पड़ता है। क्योंकि ये तो आम की आम और गुटली के दाम जैसा है। बिक गया तो फायदा अन्यथा चार लोगों के रहने के लिए झुग्गी तो है ही। नोएडा सेक्टर 43 स्ट्रेलर ग्रीन पार्क में गेट पर हुए अवैध कब्जा इसका जीता जागता उदाहरण है।

पथ विक्रेता अधिनियन 2014 भारत सरकार और 2017 उत्तर प्रदेश सरकार प्राधिकरण को अधिकार देती है कि जब तक इनका व्यवस्था नही कर दिया जाय इनको नही हटाया जायेगा। प्राधिकरण भी यही हलफनामा माननीय न्यायालय में देती है। वही दूसरी तरफ यह खबर भी छपती है कि 5 अगस्त से अतिक्रमण हटाओं की कारवाई की जायेगी।

कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने तंबाकू उत्पाद बेचने वाले बिक्रेताओं के लिए लाईसेंस प्रणाली का प्रावधान किया था लेकिन आज तक प्राधिकरण ने उस पर कोई कार्यवाही नही की है। कई दुकानों पर बच्चे ही बेचने के लिए बैठे है। तंबाकू के दुकान पर सिगरेट एक ब्लू कलर में छपे एडवरटाईजिंग क्या बच्चे को नही दिखते होंगे। जिस सरकार को तंबाकू को निषेध करना चाहिए, कंपनियाँ उसकी खुलेआम बिना परमिशन के और मुफ्त में एडवरटाईजिंग कर रही है। प्राधिकरण सिगरेट के एक कश के साथ ठंडी सांसे भरती नजर आती है। भला ऐसा क्यों न करे भले ही प्राधिकरण के खाते खाली हो लेकिन लेकिन कंपनियाँ बांकियों के जेब तो भरते ही होंगे।

2018 में 8154 वेंडरो नें प्राधिकरण मे वेंडिग जोन में दुकान देने के लिए आवेदन किया था जैसा कि उस समय के सीओ आलोक टंडन जी नें अपने हलफनामे में कोर्ट को दिया था। 2018 के बाद 3 साल गुजर जाने के बाद भी अभी तक सिर्फ 5 हजार के आस-पास वेंडरों को जगह दिया गया है। इसके अलावा कुछ वेंडर माननीय न्यायालय के शरण में भी गए हुए है और माननीय न्यायायलय नें उनके साथ न्याय किया हुआ है।

ऐसे में लगभग 4 हजार से ज्यादा वेंडर तो शहर में उनमें से है जिन्होने आवेदन किया हुआ है। आखिर उन वेंडरों को कहाँ भेजा जायेगा। प्राधिकरण नें कुछ ऐसे जगह पर वेंडिंग जोन बनाए है जहाँ पर कोई आता जाता ही नही है। हाल ही में सेक्टर 135 मे एक सैल्समेन के हत्या के बाद वेंडरों में छाए दहशत नें इस बात को उजागर कर दिया है। हालांकि बाद में पता चला कि गोली प्रेम प्रसंग और नीची मानसिकता के कारण चली थी। सच क्या है यह तो पुलिस और न्यायलय का मामला है, हम तो सिर्फ सूत्रों से मिली जानकारी पर ही बात करना उचित समझते है।

नोएडा सेक्टर 100 रेड लाइट के पास बने वेंडिंग को ही ले लिजिए। लाइसेंसी वेंडर वेंडिंग जोन में है और अवैध वेंडर आने जाने वाले रास्ते पर खड़े होकर मजे से अपना काम चला रहे है। ऐसे मेे कौन वेवकुफ वेंडर होगा जो वेंडिंग जोन में जायेगा। प्राधिकरण को किराया भी देगा और उसका काम भी नही चलेगा।

आज के लिए इतना ही काफी था। नोएडा के किसी वेंडर के समस्या को लेकर फिर आपके सामने हाजिर होता हूँ। तब तक कि लिए हमें आज्ञा दीजिए। अपना ख्याल रखिये। दो गज की दूरी मास्क है जरूरी का पालन कीजिए। एक बात और इस विडियों को लाइक एंड सब्सक्राईव जरूर कीजिएगा। ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए क्योंकि प्यार तो बांटने से ही बढता है।

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