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मैंने कड़ी मेहनत की है और मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकती हूं: पी वी सिंधू

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विश्व चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदक पर सिंधू की निगाहें, दो बार हासिल कर चुकी हैं रजत
सिंधू पिछले कुछ वर्षों में विश्व चैम्पियनशिप में लगातार दो रजत और इतने ही कांस्य पदक जीतकर निरंतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रही हैं, लेकिन अब तक स्वर्ण पदक अपने नाम नहीं कर पायी हैं।

बासेल (स्विट्जरलैंड)। भारत के लिये दो रजत हासिल कर चुकीं पी वी सिंधू सोमवार को यहां शुरू होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लिये एक और शानदार प्रदर्शन करने के लिये बेताब होंगी। सिंधू पिछले कुछ वर्षों में विश्व चैम्पियनशिप में लगातार दो रजत और इतने ही कांस्य पदक जीतकर निरंतर प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रही हैं, लेकिन अब तक स्वर्ण पदक अपने नाम नहीं कर पायी हैं।

भारत की 24 साल की शीर्ष खिलाड़ी हमेशा विश्व चैम्पियनशिप में अपनी सर्वश्रेष्ठ फार्म हासिल करने में कामयाब रही हैं लेकिन दो बार फाइनल में चूक गयीं। वह 2017 चरण में 110 मिनट तक चले मैच में जापान की नोजोमी ओकुहारा से पराजित हो गयी और 2018 फाइनल में स्पेन की ओलंपिक चैम्पियन कैरोलिना मारिन ने उन्हें हराया। पांचवीं वरीयता प्राप्त सिंधू पिछले महीने इंडोनेशिया ओपन में उप विजेता रहीं और अपने प्रतिद्वंद्वियों को पस्त करने के लिए अपनी फिटनेस और डिफेंस पर काम कर रही हैं। इस भारतीय को पहले दौर में बाई मिली है और अपने अभियान की शुरूआत चीनी ताइपे की पाई यु पो और बुल्गारिया की लिंडा जेचिरी के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता के खिलाफ करेंगी।


सिंधू ने कहा, ‘‘मैं अपने डिफेंस, शारीरिक फिटनेस पर और कोर्ट के अंदर के कौशल पर भी काम कर रही हूं। मैंने कड़ी मेहनत की है और मुझे उम्मीद है कि मैं अच्छा प्रदर्शन कर सकती हूं। मुझे अच्छा प्रदर्शन करना होगा, लेकिन कोई दबाव नहीं है।’’ अगर वह जीत जाती हैं तो तीसरे दौर में अमेरिका की बेईवेन झांग से भिड़ सकती हैं जबकि क्वार्टरफाइनल में वह चीनी ताइपे की ताई जु यिंग के सामने हो सकती हैं। अगर सब कुछ ठीक रहता है तो तो सिंधू सेमीफाइनल में हमवतन साइना नेहवाल से भिड़ सकती हैं, बशर्ते वह भी शुरूआती दौर की बाधा पार कर जाये।

विश्व चैम्पियनशिप में रजत और कांस्य पदक जीतने वाली आठवीं वरीयता प्राप्त साइना की भिड़ंत स्विट्जरलैंड की सबरीना जाकेट और नीदरलैंड की सोराय डे विच एजबर्गन के बीच होने वाले मैच की विजेता से होगी। अगले दौर में उनके डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट से भिड़ने की संभावना है। क्वार्टरफाइनल में साइना का सामना चीन की चेन यू फेई से होने की उम्मीद है, जिन्होंने साल के शुरू में आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप हासिल की थी। पुरुष एकल में पूर्व विश्व नंबर एक किदाम्बी श्रीकांत घुटने की समस्या से उबरने के बाद अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। वह मार्च में इंडिया ओपन के फाइनल में पहुंचे थे। सातवीं वरीयता प्राप्त भारतीय ने पिछले 22 महीनों में बीडल्यूएफ विश्व टूर में एक भी खिताब नहीं जीता है। वह 2018 की तरह इस चरण में भी अपने शुरुआती मुकाबले में आयरलैंड के नाट एनगुयेन के सामने होंगे।

कंधे की चोट से परेशान समीर वर्मा भी ड्रा में उसी हाफ में हैं जिसमें श्रीकांत हैं और वह अपने अभियान की शुरूआत सिंगापुर के लोह कीन ययू के खिलाफ करेंगे। अगर वह पहले दौर की बाधा पार कर लेते हैं तो मध्य प्रदेश के 10वें वरीय खिलाड़ी को प्रीक्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के दूसरी वरीयता प्राप्त चोऊ टिएन चेन के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। स्विस ओपन के फाइनल तक पहुंचने वाले बी साई प्रणीत का सामना पहले दौर में कनाडा के जेसन एंथनी हो-श्यू से होगा जबकि एच एस प्रणय शुरूआती दौर में फिनलैंड के ईटू हीनो से भिड़ेंगे। युगल स्पर्धा में सत्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष जोड़ी ने चोट के कारण प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया है।

भारत के लिये मनु अत्री और बी सुमीत रेड्डी, एमआर अर्जुन और रामचंद्रन श्लोक तथा अरुण जार्ज और संयम शुक्ला की जोड़ियां दौड़ में होंगी। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी, जक्कमपुडी मेघना और पूर्विशा एस राम तथा पूजा दांडू और संजना संतोष की जोड़ियां भी अच्छा प्रयास करना चाहेंगी। प्रणव जेरी चोपड़ा और सिक्की की मिश्रित युगल जोड़ी भी टूर्नामेंट में आगे तक पहुंचना चाहेगी जो अपना अभियान इंग्लैंड के बेन लेन और जेसिका पुग की जोड़ी के खिलाफ करेगी।

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