गृह मंत्रालय ने जताई आशंका, ट्रंप के सामने भारत की छवि खराब करने की साजिश

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नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष और विपक्ष में उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली में जारी हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा बयान दिया है। गृह मंत्रालय ने आशंका जताई है कि यह हिंसा अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरे को ध्‍यान में रखकर की गई। इसके जरिए सुनियोजित तरीके से ट्रंप के सामने भारत की खराब छवि पेश करने की साजिश रची गई। गृह मंत्रालय और दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर घटना पर ध्‍यान रखे हुए हैं और जल्‍द ही स्‍थिति नियंत्रण में होगी। दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर कंट्रोल से स्‍थिति पर नजर रखे हुए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली में हिंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे को ध्‍यान में रखकर सुनियोजित तरीके से रची गई। मैं इसकी निंदा करता हूं। सरकार इस प्रकार की हिंसा को बर्दाश्‍त नहीं करेगी। इसके लिए जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्रालय उन पर नजर रखे हुए है। वहां पर अतिरिक्‍त पुलिस बल को तैनात किया गया है। हमारी मुख्‍य प्राथिमकता दिल्‍ली में कानून व्‍यवस्‍था बनाए रखने को लेकर है। गृह मंत्रालय ने उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है जो पुलिसकर्मी की हत्‍या, पत्‍थरबाजी और संपत्‍ति में आग लगाने के लिए दोषी हैं।

उन्‍होंने आगे कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस पार्टी और सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को बताना चाहिए कि भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए कौन जिम्मेदार है?

उत्‍तर पूर्व दिल्‍ली में हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्‍ला ने कहा कि वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर हैं। वहां पर्याप्‍त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। स्‍थिति नियंत्रण में है।

जाफराबाद और मौजपुर में हिंसा की खबरों पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के एक हिस्से से शांति और सदभाव को नुकसान पहुंचाने वाली चिंताजनक खबर आ रही है। मैं लेफ्टिनेंट गर्वनर और गृह मंत्री से कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करने की अपील करता हूं। उत्पात मचाने को किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी।

जाफराबाद में सीएए के विरोध में डेढ़ माह से सड़क किनारे टेंट लगाकर महिलाएं प्रदर्शन कर रही थीं। शनिवार रात उन्होंने जाफराबाद रोड को बंद कर दिया। रविवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मौजपुर से सीलमपुर जाने वाले एक रास्ते को खुलवा दिया, लेकिन सीलमपुर से मौजपुर जाने वाला मार्ग बंद रहा। इस बीच प्रदर्शनकारी जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे धरने पर बैठे रहे।

रविवार दोपहर करीब तीन बजे यहां से लगभग 500 मीटर दूर भाजपा नेता कपिल मिश्र पार्षद कुसुम तोमर व अन्य समर्थकों के साथ मौजपुर लाल बत्ती पर सीएए के समर्थन में धरने पर बैठ गए। इस दौरान करीब 100 मीटर दूर मौजपुर तिराहे पर कबीर नगर और कर्दमपुरी से लोग जुटने लगे। उन्होंने सीएए के विरोध में आजादी के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस बीच कपिल मिश्र के धरने पर पथराव किया गया तो कपिल मिश्र के समर्थन में बाबरपुर- मौजपुर से लोग जुटने लगे। देखते- देखते दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया। यमुनापार के कई इलाके रविवार को दिनभर सुलगते रहे। इसमें जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, करावल नगर प्रमुख थे। यहां CAA विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इससे वहां पथराव और हिंसा हुई।

सोमवार को भी जारी रही हिंसा

दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सोमवार को भी प्रदर्शन जारी रही। जाफराबाद रोड, भजनपुरा और मौजपुर में हिंसक प्रदर्शन के दौरान दो घरों में आग लगा दी और एक पेट्रोल पंप को फूंक डाला। हिंसा के चलते एक पुलिसकर्मी रतन लाल की मौत हो गई है, जबकि डीसीपी समेत कई अन्य घायल हैं। मौजपुर हिंसा के दौरान करीब 37 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा के सिर में गहरी चोट आई है। ACP गोकुलपुरी को भी भर्ती कराया गया है। हिंसक प्रदर्शनों के चलते उत्तर-पूर्वी जिले के 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया।

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