30 हजार के लिए फूफेरे भाई ने पूरे परिवार को किया खत्म, भजनपुरा मर्डर केस का खुलासा

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संवाददाता, अरविंद मिश्रा

दिल्ली के भजनपुरा थाने के अंतर्गत एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने गुरुवार को सुलझा लिया। पुलिस ने मामले में मृतक शंभू के फुफेरे भाई 28 वर्षीय प्रभु नाथ को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महज 30 हजार रुपये के लिए 3 फरवरी को शंभू, उसकी पत्नी और तीनों बच्चों को मार डाला था।  ज्वाइंट सीपी आलोक कुमार ने बताया कि बुधवार को भजनपुरा के एक घर में पांच लोगों के शव मिले थे। 43 वर्षीय शंभू, उसकी पत्नी 37 वर्षीय सुनीता, 17 वर्षीय बड़ा बेटा शिवम, 14 वर्षीय छोटा बेटा सचिन और 12 वर्षीय बेटी कोमल की हत्या कर दी गई थी।

पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने जांच शुरू की।पुलिस टीम ने शंभू की कॉल डीटेल निकाली। इस दौरान पता चला कि शंभू की आखिरी बार बात उसके फुफेरे भाई प्रभु से हुई है, जो उसके घर के पास दूसरी गली में रहता है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें भी प्रभु वारदात के दिन शंभू के घर के पास दिखा। पुलिस ने प्रभु को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी प्रभु नाथ लक्ष्मी नगर के केलविन इंस्टीट्यूट में काम करता है। साथ ही वह कमेटी का भी काम करता है। आरोपी के परिवार ने इसी महीने शंभू के मकान के पास से कमरा दूसरी जगह शिफ्ट किया था। आरोपी अक्सर शंभू के घर आता-जाता था, लेकिन आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने करीब 10 दिनों तक खबर नहीं ली। इससे पुलिस का शक और गहरा गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रभु ने शंभू से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। शंभू उधार के रुपये वापस मांग रहा था। इसको लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी हुई थी।

आरोपी ने तीन फरवरी को रुपये के बारे में बातचीत करने के लिए शंभू को लक्ष्मी नगर बुलाया। शंभू के लक्ष्मीनगर पहुंचने से पहले वह खुद उसके घर भजनपुरा पहुंच गया। वहां शंभू की पत्नी और तीनों बच्चों की गला दबाकर व लोहे के हथियार से मारकर हत्या कर दी। आरोपी प्रभु तीन फरवरी को दोपहर 3:30 बजे के करीब शंभू के घर पर  पहुंचा। इस दौरान घर पर शंभू की पत्नी सुनीता अकेले थी। रुपये को लेकर सुनीता ने प्रभू को खरीखोटी सुना दी। दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। प्रभू ने सुनीता का गला दबा दिया और फिर लोहे के हथियार से मारकर हत्या कर दी। थोड़ी देर बाद बेटी कोमल पहुंची तो उसे अंदर बुलाकर मार दिया।

फिर बेटा शिवम पहुंचा तो उसकी भी हत्या कर दी। वहीं छोटा बेटा सचिन पहुंचा तो उसे भी मार दिया। शाम 7:30 बजे चारों की हत्या कर वह शंभू के घर से निकल गया। आरोपी प्रभु ने सुनीता और उसके तीनों बच्चो की हत्या करने के बाद शंभू को फोन किया। इसके बाद दोनों गावड़ी गांव के पास मिले। इस दौरान प्रभू ने शंभू को शराब पिलाई। दोनों शंभू के ई-रिक्शे से रात करीब 11 बजे उसके घर पहुंचे। शंभू के अपने घर में घुसते ही प्रभू ने उस पर हमला कर उसकी भी हत्या कर दी। इसके बाद रात 11:30 बजे के करीब वह वहां से निकल गया।पांचों की सड़ी लाश मिलने से पुलिस को हत्या के समय का पता लगाना मुश्किल हो रहा था।

ऐसे में पुलिस ने बच्चों के स्कूल से पता किया तो जानकारी मिली कि तीनों तीन फरवरी के बाद स्कूल नहीं गए थे। ऐसे में पुलिस ने तीन फरवरी की सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। पुलिस ने मकान में रहने वाले सभी किराएदारों को निकालकर मकान को सील कर दिया है, ताकि जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। वहीं जानकारी होने पर गुरुवार को बच्चों के स्कूल से छात्र व शिक्षक भी पहुंचे। उन्होंने साथी छात्रों को खोने पर दुख व्यक्त किया। 

मृतक परिवार के मकान में ही शकीला दुकान चलाती है। शकीला ने बताया कि करीब चार-पांच दिनों से बदबू आ रही थी। उनके बेटे ने भी बदबू का जिक्र किया था, लेकिन उन्हें लग रहा था कि नाली में कोई चूहा मर गया होगा। बदबू दूर करने के लिए वह दुकान में परफ्यूम छिड़क रही थीं। वहीं सामने की दुकानदार कोमल का भी यहीं कहना है कि उन्हें भी ऐसा ही लग रहा था कि नाली में कहीं कोई चूहा मर गया होगा।

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