5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाएंगे किसान, भाजपा नेताओं के दफ्तरों के बाहर जलाएंगे बिल की कॉपी

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संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी देशवासियों से आह्वान किया है कि वे किसान आंदोलन में समर्थन को जारी रखें व इस दिन भाजपा के सभी सांसद, विधायक और प्रतिनिधि के दफ्तर के बाहर कृषि कानूनों की कॉपी जलाकर संपूर्ण क्रांति में अपनी भूमिका निभाएं.

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच आज शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि आने वाली 5 जून को ‘संपूर्ण क्रांति दिवस’ मनाया जाएगा. एसकेएम के अनुसार इसी दिन खेती कानूनों के ऑर्डिनेंस के रूप में घोषित हुए एक साल होने जा रहा है. 5 जून, 1974 को ही जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा देते हुए देश में जन आंदोलन खड़ा किया था.

संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी देशवासियों से आह्वान किया है कि वे किसान आंदोलन में समर्थन को जारी रखें व इस दिन भाजपा के सभी सांसद, विधायक और प्रतिनिधि के दफ्तर के बाहर कृषि कानूनों की कॉपी जलाकर संपूर्ण क्रांति में अपनी भूमिका निभाएं. समय-समय पर सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान का देशवासियों ने भरपूर समर्थन किया है.

एसकेएम के नेताओं ने कहा है कि संपूर्ण क्रांति दिवस पर सभी देशवासियों से आग्रह है कि केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ संपूर्ण क्रांति का सकंल्प लें और इसे जनांदोलन बनाते हुए सरकार को मजबूर करें कि वह कानून वापस रद्द करें. दूसरी ओर शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री किसान नेता चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि पर संयुक्त किसान मोर्चा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आना लगातार जारी है. शनिवार को भी पंजाब के दोआबा क्षेत्र से किसानों का एक बड़ा जत्था सिंघु बॉर्डर पहुंचा. इससे पहले भी दोआबा क्षेत्र के किसानों ने इस आंदोलन में अहम योगदान निभाया है.

शनिवार को पहुंचे नए जत्थे के किसानों ने सिंघू बॉर्डर पर मोर्चा संभाला. किसानों का कहना है कि इसी तरह अब रोजाना किसानों का आना जारी रहेगा और दिनों दिन मोर्चा मजबूत होगा. (एजेंसी)

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