डोनाल्ड ट्रंप का बयान चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं प्रधानमंत्री

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चीन और भारत दोनों ही सीमा विवाद पर अमेरिका की मध्यस्थता के सुझाव को ठुकरा चुके हैं. विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की पेशकश को ठुकराते हुए कहा कि हमें तीसरे पक्ष के जरूरत नहीं है.

लद्दाख सीमा पर भारत और चीन दोनों ही देशों की सेनाएं आमने-सामने खड़ी हैं. ऐसे में इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर अच्छे मूड में नहीं है. व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है.

मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काफी पसंद करता हूं. वह एक सज्जन पुरुष हैं. इसी कड़ी में आगे बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से इस बारे में बात की है. लेकिन इस बार चीन के साथ सीमा विवाद पर पीएम मोदी अच्छे मूड में नजर नहीं आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर दोनों देशों के बीच मध्यस्थता करने की बात की.

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ट्रंप ने आगे कहा कि दोनों देशों की आबादी 1.4 बिलियन है. दोनों ही देशों के सैन्य ताकत बेहद मजबूत है. ऐसे में तनावपूर्ण माहौल में अगर मेरे मध्यस्थता करने से किसी प्रकार की अगर मदद मिलती है तो मैं मध्यस्थता जरूर करूंगा. बता दें कि चीन पहले ही अमेरिका की मध्यस्थता के सुझाव को ठुकरा चुका है. वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय का इस मामले पर कहना है कि इस मुद्दे को शांति से निपटाने के लिए हम बीजिंग के साथ संपर्क में हैं.

बता दें कि बीते 23 दिनों से लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना और भारतीय सेना आमने सामने तैनात हैं. खबरों की मानें तो लद्दाख क्षेत्र में चीन ने करीब 5000 हजार सैनिकों की नियुक्ति कर रखी है. हालांकि भारत सरकार भी इस मामले पर पीछे हटने के तैयार नहीं है. इसलिए भारतीय सेना की भी लद्दाख-चीन सीमा पर तैनाती कर दी गई है. ऐसे में बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NSA प्रमुख अजीत डोवाल, CDS जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ एक मीटिंग भी आयोजित की थी.

बता दें कि इस बार डोकलाम जैसे हालात के पीछे की वजह यह है कि भारत अपनी सीमा में सड़क निर्माण कर रहा है. चीन इसी सड़क निर्माण का विरोध जता रहा है. ऐसे में भारतीय सेना भी अलर्ट मोड में है. बता दें कि बीते कुछ सालों में भारत सरकार ने चीन से सटे सभी सीमाओं के 75 प्रतिशत सड़क मार्ग को चालू कर दिया है.

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