घबराएं नहीं-Black Fungus जितना खतरनाक नहीं है White Fungus, बरतें ये सावधानियां

Spread the love

डॉक्टरों ने कहा है कि फंगस अटैक से घबराएं नहीं, सचेत रहें. जानिए Black Fungus जितना खतरनाक नहीं है White Fungus, बस बरतें ये सावधानियां, ऐसे करें पहचान…

एक तो कोरोना वायरस से देश में तबाही मची है, उसपर अब ब्लैक फंगस (black fungus) के साथ ही व्हाइट फंगस (Aspergillosis) ने एक डरावना माहौल पैदा कर दिया है. ब्लैक फंगस को लेकर केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है. देश के कई राज्यों ने तो इसे महामारी घोषित कर दिया है. वहीं अब व्हाइट फंगस के मामले भी मिल रहे हैं, जिसने चिंता और बढ़ा दी है. लेकिन व्हाइट फंगस, ब्लैक फंगस से कम खतरनाक है. ये कहना है दिल्ली के LNJP Hospital के एमडी डॉक्टर सुरेश कुमार का.

उन्होंने बताया है कि व्हाइट फंगस, ब्लैक फंगस जितना खतरनाक नहीं है. अगर आप इसकी चपेट में आ जाते हैं तो आपको ठीक होने में 1-1.5 महीने तक लग सकते हैं, इसीलिए इससे बचना जरूरी है. उन्होंने कहा है कि अपने डॉक्टर से सलाह के बिना #COVID19 के इलाज के लिए स्टेरॉयड न लें.

डॉक्टर सुरेश कुमार ने इससे बचाव के लिए बताया कि फंगस आमतौर पर तंग और नम जगहों पर उगते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके आस-पास नियमित रूप से सफाई हो. कई दिनों तक रेफ्रिजेरेटेड खाने से बचें, ताजे फल खाएं, अपने घर में धूप आने दें और रोजाना अपने मास्क को जरूर धोएं.

क्या होता है फंगस, कैसे पहुंचाता है नुकसान, कैसे समझें फंगस अटैक को

डॉक्टरों के अनुसार कोरोना संक्रमित मरीज खासकर मधुमेह पीड़ितों के लिए फंगस अटैक जानलेवा साबित हो सकता है. दरअसल, कोरोना संक्रमण के कारण शरीर का रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जैसे ही शरीर कमजोर हुआ फंगस और बैक्टेरिया का समूह शरीर पर अटैक कर देता है. शरीर में प्रवेश करने के बाद ये बैक्टेरिया और फंगस कोरोना वायरस के साथ मिलकर शरीर के नाजुक अंगों पर हमला कर देते हैं.

व्हाइट फंगस मरीज के नाजुक अंग जैसे आंख, गला, आंत, लीवर, जीभ आदि पर हमला करता है और अंग के सेल को तेजी से नष्ट कर देता है, जिससे अंग काम करना बंद कर देता है. फंगस का अटैक इतना तेज होता है कि जबतक मरीज कुछ समझे फंगस शरीर के महत्वपूर्ण अंग को बर्बाद कर चुका होता है. इस स्थिति में अगर मरीज कोरोना को मात दे भी देता है तो शरीर के अन्य अंग के फेल होने पर मौत हो जाती है.

कोरोना संक्रमित हो या न हो अगर शरीर पर चकता, आंख में जलन, जीभ में फोड़ा, गला जाम होने, थूक घोटने में दिक्कत हो तो ये व्हाइट फंगस के लक्षण हो सकते हैं. ऐसे में बिना देर किये डॉक्टर से संपर्क करेंं.

फंगस अटैक से घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि सचेत रहने की आवश्यकता है. ब्लैक हो या व्हाइट फंगस, प्रारंभिक स्टेज में इलाज शुरु हो जाये तो एंटी फंगस ड्रग लेने से शत प्रतिशत मरीज ठीक हो सकते हैं.

%d bloggers like this: