कोविड मामले बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार में डिमांड रिकवरी में देरी की संभावना

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कोविड मामले बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार में डिमांड रिकवरी में देरी की संभावना जताई जा रही है. कोरोना के बढ़ते मामलों से खपत में कमी आ सकती है.

कोविड-19 मामलों में ताजा उछाल से वैश्विक तेल बाजार में डिमांड रिकवरी (Crude oil demand recovery) में देरी की संभावना है. आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की एक हालिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. हालांकि, यह उल्लेख किया गया है कि आपूर्ति की कमी को सुनिश्चित करने के लिए ओपेक प्लस कैपिंग आपूर्ति के साथ, तेल की कीमतों पर काफी कम प्रभाव पड़ने की संभावना है.

रिपोर्ट में कहा गया है, “कोविड के मामलों में ताजा उछाल विशेष रूप से यूरोप में लॉकडाउन और टीकों के धीमे रोलआउट से कोविड से पहले के स्तर के हिसाब से डिमांड रिकवरी में देरी की संभावना है.

इस प्रकार मांग में देरी से रिफाइनरियों के लिए सकल मार्जिन रिकवरी में देरी हो सकती है.

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक तेल की मांग में वैक्सीन-चालित रिकवरी और रिफाइनरियों के स्थायी बंद होने का अनुमान है और कैलेंडर ईयर 21ई में वैश्विक रिफाइनरी उपयोग 77.8 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है, जो कि कैलेंडर ईयर 20ई में 37 साल के निचले स्तर 72.5 प्रतिशत से आगे बढ़ा है.

रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक रिफाइनरी उपयोग में धीरे-धीरे कैलेंडर ईयर 22ई 79.1 प्रतिशत और कैलेंडर ईयर 26ई में 80 प्रतिशत तक बढ़ सकता है.

कोरोनावायरस महामारी के कारण अभी तक वैश्विक स्तर पर औद्योगिक इकाई महामारी से पहले की स्थिति पर भी नहीं लौट पाई थी, वहीं अब दूसरी लहर ने उद्योग जगत की चिंता फिर बढ़ा दी है.

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