सरकारी रोडवेज वालों की दादागिरी, विडियों वायरल, पुलिस पर लगे गंभीर आरोप।।

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“चोरी ऊपर से सीना जोड़ी” यह सिर्फ एक कहावत नही एक हकीकत है। उत्तर प्रदेश के रोडवेज और पुलिस की। अगर कोई पीछे आकर गाड़ी को ठोक दे तो दोष किसकी मानी जायेगी। यह तो सामान्य ज्ञान के किताबों में भी पढ़ने को मिल जाते है, लेकिन यह बात उत्तर प्रदेश पुलिस को शायद नही पता या यह कहना भी ठिक होगा की जानबुझकर अनजान बने पुलिस अफसर नें उल्टे पीडित को ही थाने में बंद कर दिया। धन्यवाद देना चाहिए उस विडियों बनाने वालों को जिसने चोरी छुपी विडियों बनाकर रोडवेज ड्राईवर और अलीगढ़ पुलिस के एस आई की पोल खुली। अन्यथा पीडितो को ही जेल काटने पड़ते और थाने कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते।

मामला बुलंदशहर के खैर जा रहे एक परिवार के साथ हुए बर्बरता की है। पीडित के द्वारा लिखे गये पत्र में यह बताया गया है कि पीडित राजु राण अपने परिवार के साथ नोएडा से कस्बा खैर होते हुए गाँव जरारा पाला अपने छोटे बेट के लिए लड़की देखने जा रहे थे। जब उनका बैगन आर जिसका नंबर UP16 AU 9979 खैर से अलीगढ़ की तरफ जाने वाली नाले की पास पहुँची तभी पीछ से तेज रफ्तार से आ रही रोडवेज UP 78 F 4758 ने टक्कर मार दिया। बताया जा रहा है कि गाड़ी को अलीगढ़ के कोई भूरा चला रहा था और उसने गलत साइड से आकर टक्कर मार दी जिसने गाड़ी बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ में बैठे परिजनों को वहाँ से स्थानीय लोगों के मदद से बाहर निकाला गया। इसी बीच में रोडवेज वाले भागने की कोशिश किया लेकिन वहाँ पर मौजूद लोगों नें उसे रोक लिया और हंगामा खड़ा कर दिया।

इसके बाद पीड़ित परिवार नें रोडवेज वालों को थाना चलने कह ही रहे थे कि थाने के दरोगा अंकित कुमार और कई अन्य पुलिस भी मौके पर पहुँच गये। लेकिन हद तो तब हो गई जब बस के चालक नें पुलिस के सामने ही गाड़ी राॅड निकालकर पीडित व उसके परिवार पर हमला कर दिया। पीडित पर केस बनाने के लिए पुलिस के सामने की टिकट काटने वाले मशीन को तोड़ दिया गया। महिलाओं के साथ धक्का मुक्का और पुरुषों के साथ मार-पीट किया गया। पीडित परिवार को धमकी दिया कि तुम पर पाँच लाख वसूलने का मुकदमा दर्ज करवा दूंगा। लेकिन भला हो उस व्यक्ति का जिसनें मीटर तोड़ने का विडियों बना लिया।

पीडित का दर्द जरा ध्यान से सुनिये जो योगी और उसके पुलिस का कच्चा चिट्ठा है।


दरोगा अंकित कुमार के सामने ही पूरा प्रपंच रचा गया और दरोगा अंकित नें मुझे और मेरे परिवार सहित थाने में ले जाकर मुझे हवालात में डाल दिया। तथा बस ड्राईवर से खुद बोल बोल कर तहरीर लिखवाने लगा।
थाने पर भीड़ लग गई। तभी भीड़ में से एक व्यक्ति ने जिसने दरोगा और चालक कि साजिश का वीडियो बना रखा था। वह वीडियो क्लिप मेरी पत्नी को दे दी।पत्नी ने वह वीडियो थाने में सब को दिखाई। वीडियो देखते ही दरोगा वह सन्न रह गया। तथा मुझे धमकाते हुए हवालात से बाहर निकाला। और मेरी पत्नी जो कि हाई, सुगर,थाइराइड,वीपी,पेसेंनट है तथा कुछ दिन पूर्व ही रसोली के डबल सर्जरी हुई है और पुत्र वधू एवम् आठ साल की बेटी भरी दोपहरी में रोड पर खड़े रहे। उसने मेरी पत्नी से भी दुर्व्यवहार कर मोबाइल का वीडियो डिलीट करने को कहा। इससे पहले थाने की जीप के ड्राईवर ने मुझे छोड़ने के लिए पचास हजार रुपए दरोगा अंकित कुमार को देने को कहा।
कुछ देर बाद दरोगा के कहने पर थाने का कोई आदमी जो मेरी गाड़ी को कहीं लेकर गया था आया। लेकिन उसमे बेटे की होने वाली बहू को चढ़ाने के लिए रखे कपड़े सोने का तीन तोले का हार और एक पर्श जिसमे पैंतीस हजार रुपए थे गायब था। हमने दरोगा को बताया लेकिन उसने दुर्व्यवहार कर भाग जाने को कहा ।
हमारे लिखित तहरीर देने और वीडियो दिखाने के बावजूद पुलिस ने रोडवेज चालाक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा बड़ी मुश्किल से हमे रिहा किया पूरा परिवार विशेषकर महिलाए और बच्चे अभी तक सहमें और सदमे में है। जबकि शासन द्वारा महिलाओं के प्रति अपराध रोकने के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया है।
महोदय से प्रार्थना है कि इस घटना की जांच कर थाना खैर के दरोगा तथा पुलिस और रोडवेज के दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए लूटे हुए सामान को वापस दिलाने की क्रपा करें। अन्यथा ऐसे भ्रष्ट पुलिसजनों की वजह से पुलिस से पहले से टूटा जनता का विश्वास और गहरा होगा।
क्या इस परिवार को न्याय मिलेगा ?आपको लगता है कि इस परिवार को न्याय मिलना चाहिए तो ज्यादा से ज्यादा लोग इस विडियों को फारवर्ड कीजिए।

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