सघन दवाब क्षेत्र के अगले 12 घंटों में और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान बनने और फिर अगले 24 घंटों में और अधिक तीव्र होकर 18 मई की सुबह तक इसके उत्तर उत्तर पश्चिम की ओर बढकर गुजरात तट के पास पहुँच जाने की सम्भावना है

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भारत मौसम विभाग (आईएमडी)  के पर्यावरण अनुरक्षण एवं अनुसन्धान केंद्र (ईएमआरसी) के अनुसार :

बुलेटिन संख्या: 04 (एआरबी/01/2021)

जारी करने का समय: 2030 बजे भारतीय समयानुसार, दिनांक 14.05.2021

भारत मौसम विभाग की ओर से : (फैक्स सं.: 24643965/24699216/24623220)

नियन्त्रण कक्ष एनडीएम गृह मंत्रालय (फैक्स सं.: 26701729 23092398/23093750)

नियन्त्रण कक्ष एनडीएमए (फैक्स नंबर : 26701729)

मंत्रीमंडल सचिवालय (फैक्स सं.: 23012284, 23018638)

विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वीविज्ञानं मनरी के निजी सचिव (फैक्स सं. 23316745)

सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (फैक्स सं. : 24629777)

मुख्यालय (समन्वित  रक्षा स्टाफ और मुख्य रक्षा प्रमुख–सीडीएस) (फैक्स सं, : 23005137/ 23005147)

महानिदेशक दूरदर्शन (23385843)

महानिदेशक आकाशवाणी (23421101, 23421105, 23421219)

पत्र सूचना कार्यालय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (फैक्स सं. : 23389042)

यूएनआई (फैक्स सं. 23355841)

महानिदेशक राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) (फैक्स सं. 26105912, 24363260)

निदेशक पंक्चुएलिटी, भारतीय रेल (फैक्स सं. 23388503)

मुख्य सचिव केरल (फैक्स सं. 0471-2327176)

प्रशासक, लक्षद्वीप समूह (फैक्स सं. 0413-262184)

मुख्य सचिव, कर्नाटक (फैक्स सं. 080- 22258913)

मुख्य सचिव, गोवा (फैक्स सं. 0832-2415201)

मुख्य सचिव, महाराष्ट्र (फैक्स सं. 022-22028594)

मुख्य सचिव, गुजरात (फैक्स सं. 079-23250305)

मुख्य सचिव, दमन और दीव (फैक्स सं. 0260-2230775)

मुख्य सचिव, दादरा और नगर हवेली (फैक्स सं. 0260-2645466)

मुख्य सचिव ,तमिलनाडु  (फैक्स सं. 044-25672304)

विषय : लक्षद्वीप क्षेत्र और उससे सटे दक्षिणपूर्वी एवं मध्य अरब सागर के ऊपर घने दवाब का क्षेत्र : दक्षिण गुजरात और दीव तट के लिए तूफ़ान-पूर्व निगरानी

पिछले छह घंटों के दौरान लक्षद्वीप क्षेत्र में बना हुआ कम दवाब का क्षेत्र 11 किमी प्रति घंटा की गति से उत्तरपूर्व दिशा की ओर बढ़ गया है। आज शाम 1730 बजे भारतीय समयानुसार यह लक्षद्वीप और आसपास के दक्षिणपूर्वी और पूर्वी मध्य अरब सागर में 11.6 डिग्री उत्तरी अक्षांश एवं 72.6 डिग्री पूर्वी देशांतर पर अमीनीदीवी से लगभग 55 किमी उत्तरपश्चिम में, कन्नूर, केरल से 290 किमी पश्चिम दक्षिण-पश्चिम में और वेरावल, गुजरात से 1060 किमी दक्षिण दक्षिण-पूर्व में केन्द्रित था।

निम्नलिखित तालिका में पूर्वानुमान के क्रम और तीव्रता दिए गए हैं :

दिनांक/समय (भारतीय समयानुसार)स्थिति (उत्तरी अक्षांश डिग्री/ पूर्वी देशांतर डिग्रीवायु की अधिकतम गति (किमी प्रति घंटा)चक्रवाती  विक्षोभ की श्रेणी
14.05.21/173011.6/72.650-60, 70 तक हो सकती हैसघन दवाब
15.05.21/053012.9/72.770-80, 90 तक सम्भवचक्रवाती  तूफान
15.05.21/173014.4/72.495-105, 115 तक सम्भवतीव्र चक्रवाती तूफ़ान
16.05.2021/0530 15.8/71.9125-135, 150 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान
16.05.21/173017.3/71.3135-145, 160 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान
17.05.21/053018.5/70.5145-155, 165 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान
17.05.21/173019.8/69.7150-160,175 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान
18.05.21/053021.4/69.0150-160,175 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान
18.05.21/173023.0/69.2125-135,150 तक सम्भवअत्यधिक तीव्र चक्रवाती तूफान

चेतावनी :

  • लक्षद्वीप समूह: 14 मई को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा एवं एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (>_20 सेमी), 15 मई को छिट-पुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा 16 मई को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा।
  • केरल: 14 मई को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा एवं एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (>_20 सेमी), 15 मई को छिट-पुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा 16 और 17 मई को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा।  
  • तमिलनाडु (घाट जिले): 14 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा तथा 15 मई को एक-दो स्थानों पर भरी से बहुत भारी वर्षा।
  • कर्नाटक (तटीय और उनसे लगे घाट जिले): 14 एवं 15 मई को आधिकतर स्‍थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा और एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा, 16 मई को एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा।
  • कोंकण और गोवा: गोवा में 14 मई को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा व एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा की सम्भावना। दक्षिणी कोंकण और गोवा में 15 मई को अधिकतर स्थानों में भारी से बहुत भारी वर्षा तथा उत्तरी कोंकण में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा 16 मई को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा संभव।
  • गुजरात: सौराष्ट्र के तटीय जिलों में 16 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा। 17 मई को अधिकतर स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा व एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (<_20 सेमी)। 18 मई को सौराष्ट्र एवं कच्छ में एक-दो स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा सम्भव।
  • दक्षिण पश्चिमी राजस्थान : 17 और 18 मई को अधिकतर स्थानों में हलकी से मध्यम वर्षा एवं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा सम्भव है।

(II) वायु चेतावनियाँ:

  • 14 मई को दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे लगे लक्षद्वीप-मालदीव एवं भूमध्य रेखीय हिन्द महासागर में अशांत मौसम के साथ 50-60 किमी प्रति घंटा गति से तेज हवाएं  चलेंगी जिनकी गति 70 किमी प्रति घंटा तक जा सकती हैं।
  • 15 मई की सुबह से पूर्वी-मध्य अरब सागर और उससे लगे दक्षिण पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में इन हवाओं की गति तूफानी होकर 70-80 किमी प्रति घंटा हो जाएगी जो और बढकर 90 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
  • 14 मई को केरल तट पर हवाओं की गति 45-55 किमी प्रति घंटा रहेदी जो बढकर 65 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। 15 मई को केरल-कर्नाटक तट पर समुद्री हवाओं को गति 50-60 किमी प्रति घंटा रहेगी जो बढकर 70 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
  • 15 मई को दक्षिणी महाराष्ट्र-गोवा तटों पर समुद्री हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटा होगी जो बढकर 60 किमी प्रति घंटा हो सकती है। 16 मई को दक्षिणी महाराष्ट्र-गोवा तट पर समुद्री हवाओं की गति 60-70 किमी प्रति घंटा से बढकर 80 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है।
  • 17 मई की सुबह तक दक्षिणी गुजरात और दमण एवं दीव तट से लगे उत्तरी पूर्वी अरब सागर में तेज तूफानी समुद्री हवाओं की गति 40-50 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा होगी जो 18 मई के शुरूआती घंटों में 90-100 किमी प्रति घंटा और उससे भी अधिक 115 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। हवाओं की यह गति 18 मई की सुबह तक इससे अधिक भी हो सकती है।

(III) समुद्र की स्थिति :

  • 14 मई को दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे लगे लक्षद्वीप-मालदीव एवं भूमध्य रेखीय हिन्द महासागर के समुद्र की स्थिति अशांत से बहुत अशांत रहेगी।
  • 15 और 16 मई को पूर्वी मध्य अरब सागर में और 17 मई को उत्ती पूर्वी अरब सागर में  ऊंची से बहत्त ऊंची लहरें उठेंगी।
  • 14 और 15 मई को कोमोरिन क्षेत्र और केरल तट पर समुद्र अशांत और बहुत अशांत रहेगा, 15 मई को कर्नाटक तट और पूर्वी मध्य अरब सागर में तथा 15 और 16 मई को महाराष्‍ट्र एवं गोवा तटों पर समुद्र बहुत अशांत से अत्यधिक अशांत रहने की आशंका है।  17 मई की सुबह तक दक्षिणी गुजरात तट से लगे उत्तरी पूर्वी अरब सागर में समुद्र के बहुत अशांत से अत्यधिक अशांत होने तथा 18 मई की सुबह से अत्यधिक अशांत से रौद्र रूप में आ जाने की आशंका है।

(IV) ज्वार-भाटा की चेतावनी :

  • अत्यधिक ऊंची लहरों से भी एक मीटर अधिक का ज्वार आने के चलते 15 और 16 मई को लक्षद्वीप समूह के निचले क्षेत्रों के डूबने की आशंका है।

(V) मछुआरों को चेतावनी :

  • मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 18 मई तक दक्षिण पूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप-मालदीव क्षेत्र, कर्नाटक तट से लगे पूर्वी मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र और गोवा से लगे समुद्री तटीय क्षेत्रों और पूर्वी मध्य अरब सागर तथा गुजरात से लगे समुद्री तट एवं उससे जुड़े उत्तरी पूर्वी अरब सागर में नहीं जाएं।
  • जो भी लोग इस समय उत्तरी और पूर्वी मध्य अरब सागर में गए हुए हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे वापस समुद्र तट पर लौट आएं।

(v) दक्षिणपूर्वी, पूर्वीमध्य और उत्तर-पूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप, मालदीव क्षेत्र और लक्षद्वीप समूह, केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात तट के साथ ही इन सभी राज्यों के तटीय और उनसे सटे जिलों पर अनुमानित प्रभाव:

  • इस पूरे क्षेत्र में बहुत अशांत से ऊंची-ऊंची लहरों वाले समुद्र के साथ ही तेज हवाओं के कारण नौवहन और मछली पकड़ने के कार्य प्रभावित होंगे।
  • 14 से 16 मई के दौरान लक्षद्वीप के निचले क्षेत्रों में पानी भर जाएगा।
  • 14 से 16 मई के दौरान केरल, कर्नाटक और गोवा के तटीय जिलों में भारी  से बहुत भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका। 18-19 मई के दौरान गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ जिलों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका।
  • आंधी-तूफ़ान और बिजली चमकने के साथ तेज वर्षा से तटवर्ती क्षेत्रों में जन-धन और पशुधन के साथ ही कच्चे और असुरक्षित भवनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका।

(VII) सलाह (परामर्श)

  • मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे 14 से 18 मई की अवधि में अरब सागर में नहीं जाएं।
  • नौकाओं और समुद्री जलयानों को इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
  • भारत के पश्चिमी समुद्री तट पर स्थित सभी बन्दरगाह इस बारे में आवश्यक एहतियाती उपाय कर सकते हैं।
  • नौसेना बेस अपने कार्यों के लिए एहतियाती कदम उठा सकते हैं।

तूफानी मौसम और समुद्र के अशांत रहने की चेतावनी के कारण विनिर्दिष्ट क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबन्ध लगाया जा सकता है।

(ग्राफिक्स में विस्तृत विवरण के लिए कृपया यहाँ पर क्लिक करें )।  

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