चक्रवाती तूफान की महाराष्ट्र और गुजरात में इस समय होगी एंट्री

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निसर्ग तूफान का असर 1 जून से ही महाराष्ट्र में शुरू हो चुका है लेकिन इसका प्रकोप बुधवार यानी आज दोपहर के बाद देखने को मिल सकता है.

बंगाल की खाड़ी में पैदा हुए अम्फान तूफान के कहर से पश्चिम बंगाल अभी तक उबर नहीं पाया है कि देश के दूसरे हिस्से यानी महाराष्ट्र के दरवाजे पर एक और भीषण तूफान दस्तक देने को तैयार है. मात्र 150 किलोमीटर Cyclone Nisarga तूफान जल्द ही महाराष्ट्र में एंट्री करने को तैयार है. हालांकि IMD द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट की मानें तो निसर्ग तूफान का असर 1 जून से ही महाराष्ट्र में शुरू हो चुका है लेकिन इसका प्रकोप बुधवार यानी आज दोपहर के बाद देखने को मिल सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 120 किमी प्रतिघंटा रहने की संभावना है वहीं समुद्र में 6 फीट ऊंची लहरे भी उठ सकती है. बता दें कि फिलहाल इस तूफान का सामना करने के लिए NDRF की कई टीमों को तैनात किया गया है. साथ ही भारतीय जल सेना ने भी इस बाबत अपनी कमर कस ली है. तूफान के मद्देनजर तटीय इलाकों से अबतक 80 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है.

निसर्ग तूफान का असर सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि गुजरात के कुछ इलाकों व मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा. हालांकि मध्यप्रदेश में ज्यादा तबाही के आसान नजर नहीं आ रहें लेकिन गुजरात के कुछ इलाकों में तबाही की संभावना है. इस दौरान राज्य सरकार व प्रशासन द्वारा लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है. बता दें कि इस तूफान का सबसे ज्यादा असर दमन, दीव और दादर नगर हवेली में होगा. महाराष्ट्र और गुजरात में बारिश शुरू हो चुकी है. साथ ही समुद्री लहरें भी अब उठने लगी हैं.

सुरक्षा लिहाज से गुजरात के लगभग 44 गावों को खाली कराया गया चुका है. यही नहीं मुंबई में समुद्र किनारे आवाजाही व मछली मारने को लेकर धारा 144 लागू कर दी गई है. इस बाबत मुंबई पुलिस ने बयान में कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी. मौसम विभाग की मानें तो बुधवार यानी आज दोपहर के बाद महाराष्ट्र और गुजरात में चक्रवाती तूफान के आने की आशंका है. बता दें कि इस बाबत भारतीय नौसेना की भी टीमें अलर्ट हैं. किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सभी नौसेना टीमों को सतर्क रखा गया है. यही नहीं मुंबई में गोताखोरों के टीमों की भी तैनाती की गई है.

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