बंद परल रोजगार, लोन चुकायी कैसे ? कोरोना में बेरोजगारी की दास्तान

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वर्तमान समय में कोरोना से जान-माल के साथ-साथ बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। एक साल से लगातार चल रहे लाॅक डाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति तेजी से बदहाली के तरफ जा रही है। सरकार नें थोड़ा बहुत मदद करने की कोशिश भी की है लेकिन भारत के लाचार सिस्टम और बेईमान नियत में यह पता लगाना कि जरुरतमंद कौन है बहुत मुश्किल हो चला है।

कोरोना के पहली लहर के बाद पिछली साल सरकार के तरफ से एक मदद की घोषणा की गयी। देश के दूसरे नंबर के आर्थिक गतिविधि रेहड़ी पटरी खोमचा वालों के लिए 10 हजार की लोन देने कि शुरुआता हुई लेकिन सरकारी और सरकारी सिस्टम को फालो करने के बजाय कुछ लोग लेना ही पसंद नही किया, जबकि कुछ लोगो को दिया ही नही गया। कुछ लोगो का भला तो हुआ लेकिन कोविड की दुसरी लहर नें मामला राफ-साफ कर दिया।

पीएम स्वनिधि योजना के तहत 10 हजार की लोन की घोषणा की गयी जिससे रेहड़ी पटरी दुकानदार अपना दुकान पुन: स्थापित कर सके। पहले ऐसे लगा कि यह एक आर्थिक सहायता है जिसकों वापसी नही करना होगा या करना होगा तो इस पर ब्याज नही देना होगा। लेकिन बाद में पता चला कि इस पर 7% बार्षिक ब्याज लागू है।

अब जबकि पिछले दो महीने से लगातार काम धंधा बंद है। अति आवश्यक चीजों में भले ही शराब को शामिल किया गया है लेकिन रेहड़ी पटरी ठेला खोमचा चाय दुकान सभी अति जरुरत की सामानों से बाहर है। कुछ सब्जी और फल के ठेले अवश्य लग रहे है। ऐसे में रेहड़ी पटरी पर हजारों तरीके के काम होते है जो कि काफी लंबे समय से बेरोजगार है।

अख्तर हुसैन खान टाउन वेंडिंग कमेटी सदस्य लखनऊ नगर निगम

उनके सामने दोहरी तीहरी समस्या है। पहला उनको अपना और अपने परिवार का जीवन कैसे बचे इसके लिए सुरक्षिक रहते हुए सरकार के गाइडलाइन्स का पालन करना है। दूसरा अपने परिवार का भरणपोषण कैसे करना है और तीसरा जो लोन लिया था कहाँ से चुकाना है। पुर्वांचल पटरी दुकानदार कल्याण समिति व अख्तर हुसैन खान टाउन वेंडिंग कमेटी सदस्य लखनऊ नगर निगम बताते है कि इस समय में लगभग 95 % लोगों के काम बंद है, ऐसे में दुकानदार लोन की पैसे कहाँ से चुकायेगा। जो 5% दुकान खुल भी रहे है उनका भी कारोबार बिल्कुल ठप है।

shyam kishor gupta
shyam kishor gupta

रेहड़ी पटरी संचालक एसोसिएशन नोएडा महासचिव नें सरकार से मांग करते हुए पत्र लिखा है कि सरकार को रेहड़ी पटरी वालों पर ध्यान देना चाहिए। जिसमें लोन की पैसे या तो माफ करे या फिर वसूली कुछ दिनों के लिए रोक दे जब तक स्थिति सामान्य नही होता है। इसके अलावा उनके लिए वेक्सीनेशन की विशेष व्यवस्ता की जानी चाहिए, ताकि जब बाजार खुले तो सभी लोग सुरक्षित तरीके से काम कर सके।

अर्पणा शर्मा रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन महिला महानगर अध्यक्ष

अर्पणा शर्मा रेहड़ी पटरी संचालक वेलफेयर एसोसिएशन महिला महानगर अध्यक्ष सदस्यता टाउन वेंडिंग कमेटी नोएडा विकास प्राधिकरण बताती है कि इस समय में महिला वेंडर के लिए ज्यादा समस्या है। कुछ महिला वेंडर जो कि खुद पर आश्रित है, उनको भी सरकार मदद करे। क्योंकि एक महिला होने के नाते मै समझ सकती हूँ कि उनके सामने क्या क्या दिक्कते आती होगी। इसलिए हम लोग लगातार प्रयास कर रहे है कि वेडरों के लिए सुरक्षित वेक्सीनेशन कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए और उनके सर्किल में ही इनकी व्यवस्था होनी चाहिए।

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वतन की आवाज

यह हालत किसी एक शहर की नही है देश में जहाँ जहाँ भी इस महामारी नें पाँव पसारा है. वहाँ लोगों के जीवन को बूरी तरीके से प्रभावित किया है। वतन की आवाज सभी राजनीतिक पार्टी और निजी संस्था से आह्वान करता है कि बिना पार्टी प्रचार और संस्था के प्रमोशन के लोगों के सेवा में तत्पर रहे। क्योंकि आपके कुर्सी तो यही रह जायेगी, मानवता के साथ रहे आरोप प्रत्यारोप औप अफवाह फैलाकर लोगों के जीवन को नर्क बनाने के बजाय लोगों के साथ रहे। अपने घरेलू आईसीयू से बाहर निकलकर जनता के दिक्कत को समझे। सरकार से निवेदन है कि नित्य कमाने और नित्य खाने वालों के अलावा रेहड़ी पटरी और पैठ बाजार वालों के समस्या को सुने और समाधान करें।

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