नोएडा मे भोलेनाथ पर चढ़े दूध से मिट रही बच्चों की भूख

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नोएडा: सावन का पहला सोमवार था। शहर के अधिकतर मंदिरों में भोले भंडारी पर अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी थी। मगर एक मंदिर ऐसा भी है, जहां भोले पर चढ़े दूध से बच्चों की भूख मिट रही है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को अभिषेक के इसी दूध से बनी खीर प्रसाद के रूप में दी जा रही है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस मंदिर के आसपास भूखे नहीं रहते। भोले को समर्पित दूध इनकी भूख मिटा रहा है। शिवलिंग पर चढ़े जल की भी एक बूंद जाया नहीं हो रही। मंदिर परिसर में लगे पौधों की सिंचाई में इस जल का उपयोग होता है।

सेक्टर-20 श्री हनुमान मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर दूध की थैलियां स्पर्श करवाकर रखी जाती हैं। हालांकि भक्त चाहे तो कुछ दूध शिवलिंग पर चढ़ा भी सकते हैं। बाकी बचा दूध पास ही रखे बर्तन में रख देते हैं। मंदिर प्रशासन इस दूध को फ्रिज में स्टोर कर लेता है। दूध से पहले खीर बनाकर भगवान को भोग लगता है, फिर इसे प्रसाद के तौर पर श्रद्धालुओं में ही बांट दिया जाता है। खीर बनाने के बाद भी जो दूध बचता है वह मंदिर के आसपास रहने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में बांट दिया जाता है। मंदिर समिति के महासचिव और प्रवक्ता संदीप पोरवाल ने बताया कि हर सोमवार काफी दूध चढ़ता है। दूध की थैलियों को मंदिर प्रशासन बच्चों और जरूरतमंदों में बांट देता है।

भूजल भी बढ़ा रहा शिव पर चढ़ा जल
सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर में शिव पर चढ़ा जल भूजल को बढ़ा रहा है। जलाभिषेक के पानी को पास में ही एक चैंबर बनाकर जमीन के अंदर डाला जाता है। पुजारी पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि शिव पर चढ़े जल की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होने देते। इसी तरह सेक्टर-20 के सनातन धर्म मंदिर में शिव पर चढ़ने वाला जल पड़ोस के पार्क में पाइप के जरिए डाला जाता है। यहां के जल से ही पार्क के पौधों की सिंचाई होती है। सेक्टर-20 के श्री हनुमान मंदिर में शिवलिंग पर चढ़े जल से मंदिर प्रांगण में सिंचाई होती है।

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